शासन ने धान खरीद का लक्ष्य पिछले साल की तुलना में आठ हजार मीट्रिक टन बढ़ाकर 93 हजार मीट्रिक टन कर दिया है। किसानों की सहूलियत के लिए समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है। अब तक 633 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
जिले में 1.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर धान की खेती की गई है। पिछले साल 85 हजार मीट्रिक टन लक्ष्य के सापेक्ष 15,940 किसानों ने 94,069 मीट्रिक टन धान की बिक्री की थी। इस बार धान क्रय के लिए 69 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। किसान मित्र एप और वेबसाइट के जरिये किसान पंजीकरण कर सकते हैं।
खाद्य एवं विपणन विभाग के निरीक्षक गांव-गांव भ्रमण कर किसानों का पंजीकरण कर रहे हैं। पंजीकरण के बाद खसरा-खतौनी से किसानों के नाम और भूमि का सत्यापन किया जा रहा है। एक नवंबर से फरवरी के अंतिम सप्ताह तक धान खरीद होगी।
इस बार समर्थन मूल्य सामान्य धान का 2369 और ग्रेड ए का 2389 रुपये है। जबकि पिछले साल मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल था। बाजार में धान का भाव करीब 2350 रुपये प्रति क्विंटल है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी जितेंद्र यादव ने बताया कि कट रही धान की फसल में नमी है। किसान धान को सूखा लें ताकि 17 फीसदी से कम नमी रहे। यह खरीद के मानक को पूरा करता है।
अंगूठा नहीं, होगी आइरिश स्कैनिंग
अब धान की बिक्री करने वालों किसानों को अंगूठा नहीं लगाना होगा। इस बार से आइरिश स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। किसान के साथ केंद्र प्रभारी की आइरिश स्कैनिंग होने के बाद ही खरीद प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। आइरिश स्कैनिंग भी बायोमीट्रिक सत्यापन का एक हिस्सा है।