बच्चों को स्वेटर बांटने के लिए विभाग ने आधे से भी कम रकम दी। परिषदीय विद्यालयों में एक बच्चे को दो सौ रुपये में स्वेटर खरीदने हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग ने अभी सिर्फ 89 रुपये का भुगतान किया है। हेडमास्टरों को निर्देश दिया गया कि क्रेडिट पर स्वेटर लेकर बच्चों को दिए जाएं, लेकिन पूरे पैसे न मिलने से नाराज हेडमास्टरों ने स्वेटर बांटने से हाथ खड़े कर दिए हैं। आलम यह है कि अधिकांश स्कूलों के बच्चों को अभी तक स्वेटर नहीं बांटा गया है।
बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के बच्चों को ठंड से बचाने के लिए एक-एक स्वेटर देने का फैसला लिया गया है। शासन के पास धनराशि कम होने के कारण पहले चरण में जिले को 2.14 करोड़ रुपये मिले हैं। रकम कम होने पर बीएसए ने 3264 स्कूलों के हेडमास्टरों को बराबर-बराबर अनुपात में रुपये भेजकर बच्चों को स्वेटर बांटने को कहा गया था। प्रति स्वेटर 200 रुपये की दर से भुगतान होना है, मगर विभाग ने जो धनराशि भेजी है वह 89 रुपये प्रति स्वेटर ही है।
विभाग ने हेडमास्टरों से क्रेडिट पर स्वेटर खरीदने को कहा है। आलम यह है कि अधिकांश हेडमास्टरों ने इसलिए स्वेटर वितरित नहीं किया कि वह विभाग से पूरी धनराशि आने का इंतजार कर रहे हैं। हेडमास्टरों की इस लापरवाही से बच्चे ठंड में ठिठुर रहे हैं। इधर बीएसए अशोक कुमार सिंह ने सख्त लहजे में हेडमास्टरों से कहा है कि वह अविलंब स्वेटर वितरित कर दें, अगर जांच में कही स्वेटर वितरित नहीं मिला, तो सीधे हेडमास्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।