पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मौसम का मिजाज फिर बदल गया है। गुरुवार को एक बार फिर जिले में शीतलहर जैसे हालात हो गए। दिनभर धुंध छाई रही। सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो सके। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और बरसात से गुरुवार को बेल्हा एक बार फिर शीतलहर की चपेट में आ गया। सुबह कोहरे की चादर ने पूरे वातावरण को ढक लिया था। दिनभर धुंध के हावी रहने से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। तापमान दस डिग्री नीचे लुढ़क गया।
पुरवा और पछुवा हवाओं के आपस में टकराने और पहाड़ी इलाकों में हुई बर्फबारी और बारिश का असर साफ दिखा। अचानक मौसम में आई तब्दीली से एक बार फिर बेल्हावासी शीतलहर की चपेट में आ गए। गुुरुवार की सुबह कोहरे की चादर ने पूरे वातावरण को ढक लिया था। मंद-मंद चलने वाली पछुवा हवाओं ने लोगों को गर्म कपड़ों में लिपटने को मजबूर कर दिया। दिनभर धुंध छाए रहने से सूर्यदेव भी बादलों की ओट में दुबके रहे।
दोपहर करीब सवा दो बजे सूर्यदेव ने निकलने का प्रयास किया, मगर आकाश में छाए बादलों ने उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया। बुधवार को दिन का अधिकतम तापमान जहां 25.8 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं गुरुवार को लुढ़ककर 15.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक देशराज मीना ने बताया कि दिल्ली सहित अन्य इलाकों में हुई बरसात से मौसम तब्दीली हुई है। उन्होंने बेल्हा में भी बरसात होने की संभावना व्यक्त की है।