मंगलवार को जेठ की शुरुआत में ही गर्मी ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए। लगातार दूसरे दिन पारा 42 के आसपास बना रहा। पछुआ हवाओं का कहर भी जारी रहा। जेठ की पहली दोपहरी लोगों को झुलसाने पर आमादा थी। गर्मी और उमस के मारे लोगों का बुरा हाल था। घर-बाहर कहीं भी चैन नहीं मिल पा रहा था। बाहर धूप के मारे लोगों का बुरा हाल था तो घरों के भीतर उमस और पसीने से हालत खराब थी। दिन में कई बार बिजली कटने के कारण लोगों की हालत खस्ता हो गई। बस अड्डे और मीरा भवन चौराहे के पास कई लोग तेज धूप के कारण गश खाकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। सनई अनुसंधान केंद्र के मुताबिक, मंगलवार को अधिकतम तापमान 41.6 और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
मंगलवार को सुबह नौ बजे के बाद ही धूप ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। दोपहर होते-होते तो ऐसा लगने लगा कि शरीर जल जाएगा। घरों से दफ्तर पहुंचने में ही लोग पसीने-पसीने हो गए। ट्रेन और बस पकड़ने के लिए बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर जा रहे मुसाफिरों को भी गर्मी के कोप का शिकार बनना पड़ा। मुसीबत तब खड़ी हो गई जब बीच दोपहरी शहर के कई इलाकों में जाम लग गया। चौक घंटाघर, श्रीराम तिराहा, पल्टन बाजार सब्जी मंडी आदि स्थानों पर जाम लगने से लोग धूप में बिलबिलाते रहे। कई स्कूली वाहन भी जाम में फंस गए। इससे बच्चों का बुरा हाल हो गया। जिला अस्पताल के सामने जाम लगने से कई मरीज फंस गए। इससे अफरातफरी मच गई। कोई भी पुलिसकर्मी वहां नहीं दिखा। इससे गर्मी से मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों की भी हालत बिगड़ गई।