Pratapgarh News : जवाहर नवोदय विद्यालय।
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इसके बाद बच्चों ने एकेडमिक हाल का अंदर से चैनल बंद करके चाभी अपने पास रख ली। बच्चों न तो नाश्ता करने निकले और न ही खाना खाने के लिए राजी हुए। बच्चों के बाहर नहीं निकलने से छमाही परीक्षा भी नहीं हुई। प्रकरण की जानकारी के बाद नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ के क्षेत्रीय अधिकारी के आदेश पर अमेठी नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल एसके सक्सेना और सुल्तानपुर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल तिलक सिंह विद्यालय पहुंचे।
उनसे बात करने के बाद बच्चे बाहर निकले। कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद बच्चों ने खाना खाया और छमाही परीक्षा में शमिल हुए। दोनों विद्यालयों के प्रिंसिपल को बच्चों ने बताया कि विद्यालय के प्रिंसिपल अकारण उनके साथ मारपीट करते हैं। इन्हें यहां से हटाया जाए। हालांकि जांच टीम के सदस्य देरशाम तक कॉलेज में डटे रहकर बच्चों, शिक्षकों और प्रिंसिपल का बयान दर्ज करते रहे।
सर आप हमारी समस्या हल नहीं कर सकते
शुक्रवार की सुबह नवोदय विद्यालय के बच्चों के आंदोलन की जानकारी होने पर एसडीएम लालगंज सौम्य मिश्रा और सीओ सदर पवन त्रिवेदी पहुंचे। बच्चे उनसे बात करने को राजी नहीं थे। जब एसडीएम ने कारण जानना चाहा, तो बच्चों ने साफ शब्दों में कहा कि आप हमारी समस्या का हल नहीं निकाल सकते। हम जिलाधिकारी से भी बात नहीं करेंगे।
विद्यालय में मोबाइल को प्रतिबंधित किया गया है, मगर शरारती बच्चे हैं, जो मोबाइल लेकर आते हैं। सख्ती करने पर झूठा आरोप लगाकर मुझे हटाने के लिए षड़यंत्र कर रहे हैं। स्कूल में कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से बच्चे बहक गए हैं। मारने पीटने का आरोप गलत है। -संत सिंह, प्रिंसिपल, जवाहर नवोदय विद्यालय नारायणपुर
बच्चों की शिकायत की जांच करने हम लोग आए हैं। सभी लोगों का बयान लेकर जांच रिपोर्ट क्षेत्रीय अधिकारी नवोदय विद्यालय समिति को भेजी जाएगी। कार्रवाई करने का अधिकार विभागीय अधिकारियों को है। - एसके सक्सेना, प्रिंसिपल, जवाहर नवोदय विद्यालय, अमेठी