घर के भीतर छात्र ने फांसी लगाकर दी जान, तीन दिन बाद हुई जानकारी
- बेटी से मिलने हरिद्वार चले गए थे मां-बाप, लालगंज के पूरे टीकाराम की घटना
लालगंज। बीकॉम के छात्र का शव घर के भीतर फंदे पर लटका मिलने पर सनसनी फैल गई। तीन दिन से मोबाइल बंद होने पर अनहोनी की आशंका पर रिश्तेदारों ने घर का दरवाजा तोड़ा तो घटना की जानकारी हुई। मृतक घर में अकेला था और मां-बाप बीएमएस कर रही बेटी से मिलने हरिद्वार गए थे। पुलिस के मुताबिक छात्र ने लगभग तीन दिन पहले फांसी लगाई।
सांगीपुर के हर्षपुर निवासी आशुतोष तिवारी रायबरेली जिले के कान्हा शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज में शिक्षक हैं। वह पत्नी कंचन तिवारी व छोटे बेटे अंशुमान तिवारी उर्फ चंदन (20) के साथ लालगंज नगर के पूरे टीकाराम नई बस्ती में रहते थे। अंशुमान सरस्वती विद्या मंदिर पीजी कॉलेज में बीकॉम प्रथम वर्ष का छात्र था।
बड़ा बेटा अर्पित तिवारी नोएडा में इंजीनियरिंग और बहन आयुषी तिवारी हरिद्वार में बीएमएस का कोर्स कर रही है। इन दिनों मां-बाप आयुषी से मिलने हरिद्वार गए हुए थे। छोटे बेटे अंशुमान का मोबाइल फोन तीन दिनों से बंद होने पर अनहोनी की आशंका पर आशुतोष ने उसकी जानकारी के लिए शुक्रवार को रिश्तेदारों को पूरे टीकाराम स्थित आवास भेजा।
घर अंदर से बंद और दुर्गंध आने से अनहोनी की आशंका पर रिश्तेदारों ने स्थानीय लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंशुमान का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। यह देख रिश्तेदारों तथा स्थानीय लोगों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घर में जिस तरह से दुर्गंध आ रही थी, उससे कयास लगाया गया कि लगभग तीन दिन पहले छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है।
घटना की जानकारी पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल कमलेश पाल ने बताया कि छानबीन के दौरान छात्र द्वारा आत्महत्या करने की बात सामने आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच की जा रही है।