सरवारन का पुरवा में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा ने दुपट्टे से फंदा लगाकर जान दे दी। शव को छत के चुल्ले पर लटकता देख परिजन बेसुध हो गए।
घर वालों के मुताबिक छात्रा पिछले दो साल से बीमार चल रही थी। उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। सरवारन का पुरवा सराय इंद्रावत निवासी बनवारी लाल गुप्ता ने बेटी रीता की शादी कुंडा के कनवर लाल गुप्ता से की थी। 10 वर्ष पहले कनवर लाल की मौत हो गई। उसके बाद रीता अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ मायके में रहने लगी। बाद में परिजनों ने उसकी शादी बाघराय के परशुरामपुर निवासी कन्हैयालाल गुप्ता के साथ कर दी।
रीता अपने बेटे आदित्य और बेटी दिव्यांशी को साथ ले गई। लेकिन, बड़ी बेटी नैन्सी (17) अपने ननिहाल में ही मामा-मामी के पास बस गई।
वह बीए प्रथम की छात्रा थी। 14 जनवरी को उसके मामा दुकान पर गए थे। नानी शिवकुमारी और मामी संध्या के साथ वह घर पर थी। रात में वह छत के चुल्ले में दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर झूल गई।
कमरे में जब मामी पहुंची तो शव देख शोर-शराबा मचाया। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने बताया कि नैन्सी लगभग दो वर्ष से बीमार चल रही थी। उसका इलाज चल रहा था।
बीमारी के चलते उसकी मानसिक स्थिति भी सही नहीं थी। वहीं, मृतक की मां रीता और बहन दिव्यांशी और भाई आदित्य का रो-रोकर बुरा हाल है।