मंगलवार की रात आया तूफान बिजली उड़ा ले गया। तेज हवा के कारण विद्युत के कई पोलों के साथ जगह-जगह तार भी टूट गए। शहर से लेकर गांव तक की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। 24 घंटे से ज्यादा समय तक बिजली सप्लाई बंद रही। इससे लोग पानी तक के लिए तरस गए। सबसे ज्यादा परेशानी शहरियाें को हुई।
रात करीब 10.15 बजे अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। हवा की गति देख लोगों की हवा निकल गई। तूफान में बिजली के करीब 105 विद्युत पोल टूटकर गिर गए। सैकड़ों जगह विद्युत तार भी टूट कर गिर पड़े। भारीभरकमपेड़ भी बिजली के पोल व तार पर गिर पड़े। ऐसी स्थिति में रात से ही शहर समेत पूरे जिले की आपूर्ति ठप हो गई। बुधवार शाम करीब सात बजे तक बिजली सप्लाई चालू नहीं हुई। बिजली के अभाव में जलापूर्ति भी ठप रही। जिससे सारा दिन दिन लोग भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए। पानी और बिजली सप्लाई ठप होने से सबसे ज्यादा परेशानी शहरियों को हुई। हजारों लोग पानी के लिए तरस गए। बिजली के बिना गर्मी में कूलर व पंखे भी ठप रहे। सुबह दस बजे से बिजली के पोल व तारों को बनाने का काम शुरू हुआ। लाइनमैंनों की लापरवाही व विभागीय उदासीनता इस कदर रही कि शाम सात बजे तक सभी फाल्ट दुरुस्त नहीं हो सके।