राज्य विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण स्नातक में दाखिला लेने वाले छात्रों का पंजीकरण अभी तक नहीं हो सका है। जिससे उनका परीक्षा फार्म महाविद्यालयों द्वारा नहीं भरा गया। विश्वविद्यालय की लेटलतीफी से महाविद्यालय के साथ ही छात्र-छात्राओं की भी परेशानी बढ़ गई है।
प्रो. राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय के निर्देश पर महाविद्यालयों में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में दाखिले की प्रक्रिया 13 सितंबर तक पूरी करा ली गई थी। उसके बाद कक्षाएं संचालित की जा रही थीं। विश्वविद्यालय के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार 10 जनवरी तक प्रयोगात्मक परीक्षा पूरी कराने के साथ 24 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रथम सेमेस्टर की परीक्षाएं होनी थीं। वहीं, वार्षिक प्रणाली के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षाएं एक जून से होनी थीं।
महाविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया पूरी तो कर ली गई, लेकिन अभी तक छात्रों का पंजीकरण फार्म नहीं भरा जा सका है। जिससे महाविद्यालय दाखिला लेने वाले छात्रों का परीक्षा फार्म नहीं भर सके हैं। स्नातक प्रथम सेमेस्टर का सत्र जनवरी में ही पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक महाविद्यालयों द्वारा प्रथम आंतरिक परीक्षा का अंक अपलोड नहीं किया जा सका है। विश्वविद्यालय की लेटलतीफी से परेशान महाविद्यालयों के प्राचार्यों का कहना है कि अन्य विश्वविद्यालय छात्रों का पंजीकरण करने के साथ ही परीक्षा फार्म भरवा चुके हैं।
पंजीकरण न होने से नहीं मिला स्मार्टफोन
राज्य विश्वविद्यालय द्वारा समय से पंजीकरण न हो पाने के कारण स्नातक प्रथम वर्ष के छात्र स्मार्टफोन प्राप्त करने से वंचित रह गए। शिक्षकों का कहना है कि यदि विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों का पंजीकरण किया जाता तो विश्वविद्यालय के पास स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों की सूची होती। पंजीकरण न होने के कारण ही विश्वविद्यालय स्मार्टफोन के लिए छात्रों की सूची जारी नहीं कर सका।
स्नातक प्रथम सेमेस्टर के साथ वार्षिक प्रणाली के छात्रों का परीक्षा फार्म भरने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। जल्द ही छात्रों का पंजीकरण कर समय से उनकी परीक्षा कराई जाएगी। शशीभूषण सिंह तोमर,वित्त अधिकारी