स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते अंथोनी इंटर कालेज में क्वारंटीन 166 लोगों की देखभाल में लगे कर्मचारियों को अभी तक ग्लब्स, मास्क और सेनेटाइजर नहीं मिल सका। इससे कर्मचारियों में गहरी नाराजगी है। इधर, मंगलवार को सभी क्वारंटीन लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग हुई, मगर किसी में भी कोरोना के लक्षण नहीं मिले।
शहर के एक मात्र अंथोनी इंटर कालेज में 166 लोगों को क्वारंटीन किया गया है। इन कर्मचारियों की देखभाल के लिए राजस्व विभाग के 12 कर्मचारियों की तैनाती शिफ्टवार की गई है। सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी मुस्तैद हैं। जिला प्रशासन के आदेश पर यह कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन तो कर रहे हैं, मगर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का आलम यह है कि दस दिन बीतने के बाद भी कर्मचारियों को मास्क, सेनेटाइजर और ग्लब्स नहीं दिया गया है। जबकि क्वारंटीन लोगों को चेक करने के लिए आने वाले डाक्टर कर्मचारियों को बार-बार हाथ धोने और मास्क पहनने का दबाव बना रहे हैं।
डाक्टरों के मुताबिक 14 दिन के अंदर कोरोना के लक्षण प्रकट होते हैं, ऐेसे में क्वारंटीन लोगों के लक्षण किसी भी समय प्रकट हो सकते हैं। इधर मंगलवार को डाक्टरों की टीम ने सभी क्वारंटीन लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही स्वास्थ्य की जांच की, मगर किसी के भी कोई लक्षण नहीं मिला। एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता ने बताया कि सीएमओ से मास्क, सेनेटाइजर और ग्लब्स मुहैया कराने को कहा गया है, मगर अभी तक नहीं आया है।