पुलिस अधीक्षक की चेतावनी भी मातहतों के ऊपर बेअसर रही। अब भी पुराने ढर्रे पर ही थानेदार से लेकर सिपाही तक काम कर रहे हैं। जबकि संदिग्धों व बदमाशों के परिवार वालों से कोतवाली व आसपास के थाने भरे पड़े हैं। जिनसे पूछताछ के लिए भी पुलिस के पास समय नहीं है। अभी तक डायल 100 के सिपाही को गोली मारने वाले हाथ नहीं लगे।
नगर कोतवाली के भुपियामऊ के करीब 31 जुलाई की रात बाइक सवार तीन बदमाशों ने डायल 100 के सिपाही को रोकने पर गोली मार दी थी। गोली लगने से मुख्य आरक्षी भोलानाथ घायल हो गया। उसका उपचार एसआरएन में चल रहा है। घटना के दूसरे दिन पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने जिले के सभी थानेदारों व पुलिसकर्मियों को आदेश देते हुए झकझोरा था। कहा था कि दो दिन का समय उन लोगों के पास है। भोला के दर्द को अपना दर्द समझें और बदमाशों व हत्यारों पर कहर बनकर टूट पड़ें। हर हाल में सिपाही को गोली मारने वाले बदमाश हत्थे चढने चाहिए। यदि ऐसा नहीं होता तो सभी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें। एसपी की चेतावनी का भी मातहतों पर कोई असर नहीं पड़ा। वह अपने मुखिया के आदेश पर हतोत्साहित हो गए या फिर पुराने ढर्रे पर ही नौकरी करना पसंद कर रहे हैं। चर्चाओं पर यकीन करें तो पुलिसकर्मी अफसरों के पहुंचने के बाद ही बदमाशों की धरपकड़ को निकलते। बीट के सिपाही अपने हल्के के बदमाशों की सूची तक नहीं दे सके। हल्का दरोगा भी खामोशी की चादर ओढ़े हुए हैं। थानेदार का आदेश भी मातहतों के लिए कोई मायने नहीं रखा। ऐसे में सिपाही को गोली मारने वाले बदमाशों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। जबकि नगर कोतवाली में करीब 30 से अधिक संदिग्ध व बदमाशों के परिजनों को हिरासत में रखा गया है। इसके बाद भी पुलिस बदमाशों तक अभी नहीं पहुंच सकी। सीओ सिटी अतुल शर्मा ने बताया कि बदमाशों की धरपकड़ की जा रही है। पूछताछ के बाद लोगों को छोड़ा भी जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपी पुलिस के हाथ लगेंगे।