हथिगवां थाना क्षेत्र के बटौआ परसीपुर गांव में सोमवार की रात जेब खर्च के लिए रुपये न मिलने पर एक बेटे ने सोते समय अपने पिता की फावड़े से प्रहार कर हत्या कर दी। चीख सुनकर घर वाले और पड़ोसी दौड़े तो आरोपी भागने लगा। लोगों ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
विनोद मिश्रा (50) खेती-बाड़ी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका छोटा बेटा सिद्धार्थ मिश्रा उर्फ टिंकू बेरोजगार है। पिता-पुत्र में अक्सर जेब खर्च को लेकर विवाद होता था। ग्रामीणों के अनुसार सोमवार दोपहर करीब दो बजे सिद्धार्थ ने पिता विनोद से जेब खर्च के लिए रुपए मांगे तो उन्होंने इन्कार कर दिया। इसे लेकर उनके बीच फिर झगड़ा हुआ।
रात करीब दो बजे सिद्धार्थ कमरे से बाहर निकला और बाहर से दरवाजे की कुंडी बंद कर दी ताकि घर के अंदर सो रहे परिवार के लोग बाहर न निकल सकें। इसके बाद बरामदे में सो रहे पिता के सिर व गले पर फावड़े से 3-4 वार किए। विनोद की चीख-पुकार सुनकर पत्नी सुशील व बेटी पिंकी शोर मचाते हुए दौड़ीं। बाहर से दरवाजा बंद मिलने पर पीछे के रास्ते से भागकर बरामदे में पहुंचीं। खून से लथपथ विनोद को देख चिल्लाने लगीं। इतने में पड़ोसी भी पहुंच गए। विनोद को इलाज के लिए अस्पताल लेकर जाने लगे लेकिन उन्होंने रास्ते में दम तोड़ दिया।
लोगों ने भाग रहे सिद्धार्थ को पकड़कर पुलिस को सूचना दी। रात करीब पौने तीन बजे पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की छानबीन की और आरोपी को पकड़कर थाने ले गई। हत्या की खबर मिलने के बाद सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता व एएसपी पश्चिमी संजय राय भी पहुंचे। परिवार वालों से पूछताछ की। मुख्यालय से पहुंची फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। मृतक की पत्नी सुशीला की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया।
जेब खर्च न मिलने व तंज के चलते बेटे ने पिता की फावड़े से वार कर हत्या कर दी। भले ही मृतक की पत्नी ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। आरोपी बेटे को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
- संजय राय, एएसपी पश्चिमी
आरोपी बेटे ने कर लिया था पिता की हत्या का इरादा
विनोद मिश्र और उनके छोटे बेटे सिद्धार्थ में दो दिन पहले भी पैसे को लेकर धक्कामुक्की हुई थी। जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे आशंका जताई जा रही है कि सिद्धार्थ ने दिन में पिता से झगड़े के बाद उनकी हत्या का इरादा कर लिया था। तभी रात घर से निकला तो बाहर से कुंडी लगा दी थी।
पड़ोसियों ने भी बताया कि काफी दिनों से बेटे व पिता के बीच कहासुनी हो रही थी। विनोद का मिजाज गर्म था। छोटी-छोटी बातों को लेकर अक्सर परिवार वालों से नाराजगी जताता रहता था। ग्रामीणों का कहना था कि सिद्धार्थ पिछले साल इंटरमीडिएट की परीक्षा में फेल हो गया था। दिन भर घूमता रहता था। इसी वजह से विनोद नाराज रहते थे। वह इंदौर में प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले बड़े बेटे सुभाष की बड़ाई करते हुए सिद्धार्थ को खरीखोटी सुनाते थे। इस बात से सिद्धार्थ बहुत चिढ़ता था।
विनोद की पत्नी सुशीला प्राथमिक विद्यालय में रसोइया का काम करती हैं। लोगों के अनुसार पिता से चोरी-छिपे वह बेटे को जेब खर्च भी दिया करती थीं। उन्होंने तहरीर में बेटे सिद्धार्थ का नाम भी दर्ज नहीं कराया है।
पुलिस से बोला आरोपी- हत्या का कोई पछतावा नहीं
आरोपी सिद्धार्थ को पिता की हत्या का कोई पछतावा नहीं था। घटना के बाद भागते समय लोगों ने पकड़ लिया। परिवार व पड़ोसियों का सामना हुआ तो वह गुस्से में लाल था। किसी के सवाल का जवाब देने के बजाय मौन साधे रहा। पुलिस उसे थाने ले गई। पूछताछ में एक-दो बात कह कर चुप हो जाता। उसने साफ कहा कि पिता की हत्या का उसे कोई पछतावा नहीं।