सैनिक की विधवा को लाठी डंडे से पीट-पीटकर मार डाला गया। दर्द से कराह रही महिला की मदद के लिए कोई भी आगे नहीं आया। घर से दूर वह तड़पती रही। लोगों की संवेदन शून्यता के चलते दोपहर में दर्द से तड़प-तड़प कर उसने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
कंधई थाना क्षेत्र के बरहा निवासी प्रेमा देवी (54) पत्नी रामबरन शनिवार की रात घर पर थी। रामबरन सेना में थे और काफी पहले उनकी मौत हो चुकी है। उनकी कोई संतान नहीं थी। इसलिए प्रेमा की देखभाल करने वाला भी कोई नहीं था। रविवार की सुबह घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ग्रामीण शौच के लिए गए तो प्रेमा घायल पड़ी थी। उसके चेहरे पर चोट के निशान थे और कपड़े भी अस्त-व्यस्त थे। लोगों का कहना था कि उसे लाठी-डंडे से पीटा गया है। घायल प्रेमा कराह रही थी।
उसकी दशा देखने के बाद भी ग्रामीण संवेदनहीन बने रहकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। किसी ने न तो पुलिस को सूचना दी और ना ही उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजना बेहतर समझा। आखिरकार प्रेमा ने तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। जिसके बाद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इस बाबत जेठ के बेटे बंशीलाल ने पुलिस को तहरीर दी कि मनोरोगी थीं। घर से अक्सर वह बाहर चली जाती थीं। उनकी संदिग्ध हालत में मौत हो गई है। ग्रामीणों में इस बात की भी चर्चा होती रही कि पति की मौत के बाद प्रेमा सदमे में रहती थीं। प्रेमा देवी का कपड़ा अस्त-व्यस्त मिलने पर लोग दुष्कर्म की आशंका जता रहे थे।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके चेहरे पर दोनों ओर और सीने पर चोट के निशान मिले हैं। चोट लगने के कारण फेफड़ा फटने के कारण उसकी मौत हुई है। दुष्कर्म की जांच के लिए स्लाइड विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजी गई है। कंधई थानाध्यक्ष ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। हो सकता है किसी ने उसे पीटा हो। भतीजा उसे मनोरोगी बता रहा है। दुष्कर्म जैसी कोई बात नहीं है। जांच के लिए भी लिखा गया है।
अतरसंड के करीबी ने बिकवा दी थी जमीन
कंधई थाना क्षेत्र के बरहा निवासी प्रेमा देवी को कोई औलाद नहीं थी। पति की मौत के बाद प्रेमा के घर अतरसंड के रहने वाले एक व्यक्ति का आना-जाना होने लगा। ग्रामीणों की मानें तो मेलजोल बढ़ने पर उस व्यक्ति ने उसकी जमीन गांव के ही एक व्यक्ति को बैनामा करा दिया। प्रेमा के बैंक खाते में रुपये थे। जिसे निकाल लिया गया। प्रेमा पति की मौत के बाद सेना से मिलने वाली पेंशन से अपना गुजर-बसर करती थी। घर में देवर और जेठ भी रहते हैं, लेकिन उनसे कोई सरोकार नहीं था। चर्चाओं पर यकीन करें तो लोगों को शंका हो रही है कि रुपये के लेनदेन में ही प्रेमा की हत्या की जा सकती है।
समय से उपचार होने पर बच जाती प्रेमा की जान
कंधई के बरहा मानवता तार-तार होती रही। पिटाई से घायल प्रेमा देवी तड़प रही थी। शरीर में अंदरूनी चोटों के चलते वह बेहोश हो जा रही थी। बेहोशी की हालत में भी वह कराहती रही। रात में पिटाई के बाद प्रेमा देवी घटनास्थल पर ही तड़पती रही। लोग आशंका जता रहे थे कि उसे घर के भीतर ही पीटा गया। इसके बाद उसे घर से कुछ दूर सूनसान स्थान पर फेंक दिया गया। ग्रामीणों की संवेदनहीनता के चलते उसकी मौत हो गई। यदि समय से उसे उपचार मिल गया होता तो उसकी जान बच सकती थी। हर कोई उसे तड़पता देखता रहा लेकिन मदद के लिए आगे नहीं आया। हर कोई कानूनी पचड़े में फंसने से बचने के लिए कन्नी काटता रहा। प्रेमा देवी की सांसें थमने के बाद तमाशा देखने वालों की वहां भीड़ लग गई।