पुलिस स्मृति दिवस सीआरपीएफ कैम्प त्रिशुंडी।
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राष्ट्रों के इतिहास एक सैनिक के कौशल और साहस से ही बनते और बिगड़ते हैं। इसलिए एक सैनिक का शौर्यवान होना जरूरी है। जिससे देश की सुरक्षा के साथ ही सामने आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सके । यह बातें ग्रुप केंद्र सीआरपीएफ अमेठी द्वारा छीड़ा कैंप में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस समारोह में डीआईजी दलजीत सिंह लक्खा ने कहीं।
उन्होंने साथियों के बलिदान को याद किया। कहा कि 21 अक्तूबर 1959 को देश की उत्तरी सीमा, लद्दाख में हॉट स्प्रिंग स्थान पर चीनी सेना द्वारा बदनीयती से अचानक किए गए हमले में हमारे बल की तीसरी बटालियन के जवानों ने दुश्मन के स्वचालित हथियारों का बहादुरी से सामना किया था। दुश्मनों का संख्या बल अधिक होने तथा उन्नत हथियारों के अभाव में उन्हें पीछे हटना पड़ा।
जिसमें दस वीर जवानों को बलिदान देना पड़ा। उन्हीं की स्मृति में पुलिस स्मृति दिवस पूरे देश में मनाया जा रहा है। इसके पूर्व सभी अधिकारी व जवान शहीद स्मारक पर एकत्र हुए। उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर डा. शिवानी सिन्हा, रामसिंगार राम, प्रेम चंद्र, धीरज कुमार सिंह, विश्वदीप सिंह आदि मौजूद रहे।