शासन की पहल पर विद्युत उपभोक्ताओं के लिए 8 नवंबर से शुरू एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) की रफ्तार सुस्त है। जिले में करीब 4 लाख 36 हजार बकाएदार है, लेकिन योजना का लाभ 22 हजार 104 लोगों ने लिया है। बुधवार तक इन पांच फीसदी उपभोक्ताओं ने 18 करोड़ तीन लाख रुपये बकाया जमा किया। जबकि जिले में बिजली उपभोक्ताओं पर करीब 225 करोड़ रुपये का बकाया है।
विभागीय आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल 2021 में ओटीएस का कुल 15 फीसदी उपभोक्ताओं ने लाभ लिया था। वसूली की स्थिति को देखते हुए इस बार भी वसूली पिछली बार की तरह ही रह सकती है। योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों को मिले, इसके लिए बिजली विभाग के अधिकारी ब्लॉक स्तर पर शिविर लगाकर उपभोक्ताओं को योजना का लाभ बता रहे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर से प्रचार और पंफलेट वितरित कर योजना की जानकारी दी जा रही है। तमाम प्रयास के बाद भी छोटे ही नहीं, बड़े बकाएदार भी योजना का लाभ लेने के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।
जिले में 4 लाख 36 हजार उपभोक्ताओं पर करीब 225 करोड़ का बकाया है। 28 नवंबर तक 22 हजार 104 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लेते हुए 18 करोड़ 3 लाख रुपये विभाग के खाते के खाते में जमा कराए। अन्य बकाएदारों को विभाग ने ओटीएस में पंजीकृत कर दिया, लेकिन अभी 95 फीसदी उपभोक्ताओं ने एक रुपये नहीं जमा किया है।
ओटीएस योजना के तहत 30 नवंबर तक शत प्रतिशत ब्याज पर छूट है। लाभ मिलने में सिर्फ 24 घंटे शेष हैं, लेकिन बकाएदार योजना के तहत भुगतान करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
अफसरों के मुताबिक 1 से 15 दिसंबर तक एक किलोवाट तक के उपभोक्ताओं को सिर्फ 90 प्रतिशत ही छूट मिलेगी। जबकि दो किलोवाट व उससे ऊपर के उपभोक्ताओं को 80 प्रतिशत छूट मिलेगी।
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निजी नलकूप पर माफ हो जाएगा बिजली बिल
एकमुश्त समाधान योजना के तहत निजी नलकूप संचालकों को 31 मार्च 2023 तक ही बिल अदा करना होगा। बिल जमा करने के बाद निजी नलकूप पर बिल माफ कर दिया जाएगा। निजी नलकूप के तहत जिले में 12 हजार 105 उपभोक्ता पंजीकृत हैं।
विभाग एक मुश्त समाधान योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करा रहा है। इसके बावजूद उपभोक्ता योजना का लाभ लेने के लिए तैयार नहीं है। जबकि इस योजना से उनका ब्याज माफ हो जाएगा। सिर्फ बकाया बिल की मूल राशि ही जमा करनी होगी। पिछले साल सिर्फ 15 फीसदी उपभोक्ताओं ने ओटीएस का लाभ लिया था, इस बार भी आंकड़ा इसी के आसपास रह सकता है।
इं.सत्यपाल, अधिक्षण अभियंता।
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किसी डिविजन में कितना जमा हुआ बिल
डिविजन - बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या - प्राप्त राजस्व(करोड़ में)
सदर - 7,810 - 6.43
कुंडा - 6,540 - 6.06
लालगंज - 5, 134 - 3.58
रानीगंज - 2620 - 1.96