भीषण गर्मी में बिजली की आवाजाही ने लोगों की टेंशन को बढ़ा दिया है। मई में बिजली की खपत 150 मिलियन यूनिट तक पहुंचने के बाद दिन के साथ ही रात में भी अघोषित बिजली कटौती से लोगों की नींद टूट रही है। गर्मी से लोगों का सुकून छिन रहा है। ठीक से नहीं सो पाने के कारण लोग तनाव ग्रस्त हो रहे हैं।
शहरी क्षेत्र के उपकेंद्रों से जुड़े मोहल्लों में दिन और रात के समय 10 से 12 बार बिजली गुल हो रही है। वहीं ग्रामीण अंचल में रोस्टर के अतिरिक्त हो रही चार घंटे की बिजली की कटौती से उपभोक्ताओं का जीना मुहाल हो गया है।
दहिलामऊ उपकेंद्र से जुड़े बुढियामाई मंदिर मोहल्ले में बृहस्पतिवार रात 11 बजे बिजली गुल हो गई। 11.30 बजे पर आपूर्ति बहाल हुई लेकिन कुछ देर बाद बिजली गुल हो गई। रात दो बजे बिजली आपूर्ति बहाल हुई। रात तीन बजे फिर से आपूर्ति ठप हो गई। जिससे लोग ठीक से सो नहीं सके।
वहीं, बस अड्डा, करनपुर व मीराभवन मोहल्ले में शुक्रवार सुबह नौ से 12.30 बजे के बीच पांच बार बिजली कटौती की गई। हर आधे घंटे पर बिजली की आवाजाही जारी रही। रूपापुर उपकेंद्र से जुड़े पूरे ईश्वरनाथ में शुक्रवार को दिन व रात में कई बार बिजली की कटौती हुई।
बाबागंज उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में भी दिन व रात में पांच से सात बार बिजली कटौती हर दिन हो रही है। ग्रामीण अंचल के उपकेंद्रों में छह घंटे कटौती का रोस्टर है लेकिन 10 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
भंगवाचुंगी के अमित कुमार ने बताया कि रात में बिजली कटौती से सबसे अधिक दिक्कत होती है। इनवर्टर नहीं होने के कारण रात में नींद टूट जाती है। कई बार हो रही बिजली कटौती से जीना मुहाल हो गया है। बुढि़या माई मंदिर के अंकित कुमार ने बताया कि रात में दो से तीन घंटे की बिजली कटौती हो रही है। रात जगकर गुजारनी पड़ रही है। दिन में भी बिजली गुल होने से काफी समस्या हो रही है।
उपकेंद्र पर तैनात कर्मियों ने बताया कि बिजली की खपत बढ़ने से ओवरलोड की समस्या बढ़ गई है। गर्म होने के चलते तारों में शॉर्ट हो रहा है। जिस कारण मेन लाइन को बंद करके सुधार कार्य किया जाता है। जिस कारण आपूर्ति बाधित रहती है। इसके साथ ही लोगों की शिकायतों के चलते भी कई बार बिजली कटौती की जाती है। एक्सईएन राम आसरे प्रसाद चौरसिया ने बताया कि शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं। लाइन में खराबी आने के कारण कई बार आपूर्ति बाधित हो जाती है।