रविवार को अयोध्या में आयोजित धर्मसभा में पहुंचे रामभक्त सियाराम ऊमरवैश्य ने राम मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि न्यास के नाम पर एक करोड़ का चेक न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास को सौंपा। धर्मसभा के मुख्य मंच से सियाराम ऊमरवैश्य द्वारा मंदिर निर्माण के नाम पर दी गई धनराशि की घोषणा हुई तो पूरा परिसर जयकारे से गूंज उठा। मंच पर आसीन संतों एवं जनसैलाब ने दानवीर सियाराम की सराहना की।
संघ प्रचारक रहे सियाराम ऊमरवैश्य 24 नवंबर को धर्मसभा में शामिल होने के लिए अयोध्या गए। उनके साथ उनके बड़े पुत्र अधिवक्ता रामराज ऊमरवैश्य व दामाद शंकर सुमन भी रहे। रामराज ने बताया कि यहां से अयोध्या पहुंचने पर सियाराम व उनके परिजनों ने न्यास अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास से मुलाकात कर चेक सौंपने की इच्छा जाहिर की। इस पर उन्होंने 25 नवंबर को धर्मसभा में चेक सौंपने की सलाह दी। रविवार को सुबह सरयू में स्नान करने के बाद पूजन-अर्चन कर सभी धर्म सभा कार्यक्रम में पहुंचे।
उन्होंने बताया कि सियाराम ऊमरवैश्य के नाम की मुख्य मंच से घोषणा की गई। इसके बाद उन्हें मंच पर ले जाया गया। जहां उन्होंने न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास को चेक सौंपा। इस दौरान मंच पर बैठे व धर्म सभा में आए लोगों के बीच जयकारे लगे। महंत नृत्य गोपालदास ने सियाराम का मुख्य मंच से परिचय कराया। बताया कि सियाराम ऊमरवैश्य संघ प्रचारक भी रहे हैं। सभी ने उनके प्रयास की सराहना की।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एक करोड़ की धनराशि देकर सियाराम ऊमरवैश्य ने समाज का गौरव बढ़ाया है। हम सभी को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए। यह बातें रविवार को चिलबिला कार्यालय पर आयोजित बैठक के दौरान ऊमरवैश्य समाज सभा के संरक्षक समाजसेवी रोशनलाल ऊमरवैश्य ने कहीं। उन्होंने कहा कि लाखों की भीड़ में जिले के दानवीर सियाराम ऊमरवैश्य का नाम लिया गया। उनकी सराहना की गई। इससे जिले का भी सम्मान बढ़ा है। महामंत्री गुलाब चंद्र ने कहा कि उनका जीवन बहुत ही सरल और सादगी से परिपूर्ण है। हम सब को उनसे सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर राम अजोर ऊमरवैश्य, शिव प्रसाद, शोभनाथ आदि मौजूद रहे।