शनिवार को तीन तहसीलों में आयोजित वजन दिवस के दौरान 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का वजन लेने के बाद जिले में पोषण मिशन की असलियत सामने आ गई। शासन के तमाम प्रयास के बाद भी कुपोषित बच्चों को पोषित करने में विभाग नाकामयाब रहा। पहले दिन 16 हजार से अधिक बच्चे अतिकुपोषित मिले। अभी दूसरे चरण में वजन होना बाकी है। ऐसे में अति कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ना तय है।
जनपद के सदर, पट्टी और रानीगंज तहसीलन के नौ विकासखंडों में वजन दिवस का आयोजन किया गया। मानधाता, सदर, बाबा बेलखरनाथ धाम, शिवगढ़, गौरा, संडवाचंद्रिका, पट्टी, व रानीगंज और शहर के स्लम इलाकों में शून्य से लेकर पांच वर्ष तक के बच्चों का वजन जांचा गया। इसके लिए जिला स्तरीय अधिकारियों को पर्यवेक्षण का कार्य सौंपा गया था। खुद कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव रानीगंज में निरीक्षण करते रहे तो वहीं दूसरी ओर ईओ नगर पालिका अवधेश यादव मानधाता इलाके में वजन दिवस की हकीकत खंगाली। आंगनबाड़ी केंद्रों को 51 सेक्टर में बांटा गया था।
अधिकारियों की देखरेख में और 684 ग्राम्य पर्यवेक्षकों के समक्ष कुल 187578 बच्चों के सापेक्ष 170955 बच्चों का वजन लिया गया। जो 91 प्रतिशत रहा। वजन किए गए बच्चों की पोषण में अतिकुपोषित की हालत में 16128 बच्चे रहे। खास बात यह है कि शासन की तमाम योजनाओं के बाद भी कुपोषित व अतिकुपोषित बच्चों की संख्या में कमी नहीं आ रही है।