नगर कोतवाली के सिटकहा पूरे खुशई में रविवार को चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने 16 घरों को जलाकर राख कर दिया। आग में दस मवेशी जिंदा जल गए। लोगों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। करीब दो घंटे बाद फायरब्रिगेड के लोग ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पा सके। अगिभनकांड पीड़ित आसमान के नीचे आ गए हैं। खून पसीने से बनाई गृहस्थी राख होते देख लोग रोते हुए बेसुध हो जा रहे थे।
पूरे खुशई सिटकहा निवासी पारसनाथ सिंह के घर में छप्पर के नीचे सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे खाना बन रहा था। अचानक चूल्हे की चिंगारी उसके दूसरे छप्पर पर जा गिरी। हवा चलने के कारण कुछ ही देर में चिंगारी शोला बन गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। लोगों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। लपटों ने आसपास के लोगों के घरों को भी अपने आगोश में ले लिया। इससे गांव में अफरातफरी मच गई। लोग फायरब्रिगेड को खबर देने के बाद आग बुझाने में जुटे रहे। विलंब से पहुंचे फायरब्रिगेड के जवान आग पर काबू पाने के लिए मशक्कत करने लगे। भीषण अगिभनकांड में सितावा देवी के घर में बंधीं आठ बकरियां, एक गाय व एक बछिया जिंदा जलकर मर गई। उस समय सितावा दवा लेने के लिए बाजार गई थी।
आग ने पारसनाथ, वीरेंद्र सिंह, रामबरन सिंह, श्रीराम, बब्बन सिंह, ऊदल सिंह, शिवसरन सिंह, चंद्रपाल, भैयाराम, शिवशंकर सिंह, संतोष सिंह, रामचंद्र, हरीलाल, माताफेर, प्रेमचंद्र के घरों को भी जलाकर राख कर दिया। सभी के घरों में रखा गृहस्थी का सामान पल भर में ही राख के ढेर में तब्दील हो गया। भीषण आग बुझाने के लिए फायरब्रिगेड की तीन गाड़ियों के साथ ग्रामीण भी सहयोग करते रहे। आग से जले सामान को देख पीड़ित परिवारों के लोग रोते-रोते बेसुध हो जा रहे थे। अगिभनकांड में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी मोहनगंज पुलिसकर्मियों के साथ आग बुझाने का प्रयास करते रहे। घटना की जानकारी मिलते ही सदर तहसीलदार चंद्रेश सिंह भी राजस्व विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लेखपाल को क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि अगिभनकांड में मात्र छह घर ही पूरी तरह से जले हैं। अन्य लोगों के रिहायशी छप्पर जले हैं। रिपोर्ट मिलते ही सभी को आर्थिक मदद दी जाएगी। पीड़ितों को खाने का प्रबंध करा दिया गया है ताकि उनके सामने कोई समस्या पैदा न हो सके।