जिला कारागार का शनिवार को अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। तलाशी के दौरान बंदियों की बैरक में मोबाइल का चार्जर मिला। बसपा नेता से अधिकारियों ने पिटाई करने वाले बंदियों की जानकारी ली, लेकिन उसने हमलावर बंदियों को पहचानने से इनकार कर दिया।
शनिवार की शाम जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी, डीआईजी जेल एसके श्रीवास्तव, एसपी बलिकरन सिंह यादव, एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह, सीओ सिटी एमपी सलोनिया दलबल के साथ छापा मारने पहुंचे। अधिकारियों की देखरेख में बंदियों की सभी बैरकों की आधे घंटे तक सघन जांच पड़ताल की गई। इस बीच एक बैरक में मोबाइल चार्जर मिला। इससे जेल के अधिकारियों के होश उड़ गए। निरीक्षण के दौरान ही बसपा नेता दिवाकर तिवारी से भी अधिकारियों ने घटना की बाबत पूछताछ की। उन्होंने मारपीट करने वाले हमलावरों को पहचानने से इनकार कर दिया। बंदियों ने अधिकारियों से साफ-सफाई की समस्या बताई। जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान जेल में एक मोबाइल चार्जर मिला है। बसपा नेता ने मारपीट करने वालों को पहचानने से इनकार कर दिया। ऐसे में जेल प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। ताकि जेल मैनुअल का पालन हो सके।
जेल में आए दिन हो रहे बवाल को देखते हुए प्रशासन ने कारागार परिसर के बाहर पीएसी तैनात कर दी है। जेल आने-जाने वालों पर पुलिस की बराबर निगाह है। जेल चौकी प्रभारी दिनेश शुक्ल को अधिकारियों ने निर्देश दे रखा है कि किसी भी कीमत पर जेल में अमान्य सामग्री न जा सके। हमेशा लोगों पर निगाह रखा जाए।