समायोजित शिक्षामित्रों के वेतन को लेकर रार मच गई है। वित्त एवं लेखाधिकारी ने प्रमाणपत्रों के बगैर सत्यापन के वेतन भुगतान करने से हाथ खड़े कर दिए हैं। ऐसे में शिक्षामित्रों ने 13 जनवरी को बीएसए कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन कर तालाबंदी की चेतावनी दी है।
शिक्षामित्र से शिक्षक बनने वालों के वेतन भुगतान पर ग्रहण लग गया है। जिनके प्रमाणपत्रों का सत्यापन अभी तक नहीं हुआ है, ऐसे समायोजित शिक्षा मित्रों से शपथपत्र लेकर वेतन भुगतान का आदेश बीएसए एसटी हुसैन ने दिया था। मगर वित्त एवं लेखाधिकारी रामपाल ने शासनादेश का हवाला देते हुए सत्यापन का कार्य पूरा होने के बाद ही भुगतान करने की बात कही है। वित्त एवं लेखाधिकारी के इस रवैये से शिक्षामित्रों में काफी आक्रोश है।
आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष रीना सिंह ने शिक्षामित्रों के साथ विभाग की ओर से किए जा रहे व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सवाल किया है कि एक बार जब बीएसए ने वेतन भुगतान का आदेश कर दिया तो वित्त एवं लेखाधिकारी आदेश पर अमल क्यों नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि बीएसए के आदेश के 16 दिन बाद भी वेतन का भुगतान न होना गंभीर बात है। जिलाध्यक्ष ने 13 जनवरी को बीएसए कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन और तालाबंदी करने के लिए सभी साथियों को एकत्रित होने को कहा है।, इधर प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष अनुज पांडेय ने बीएसए से मिलकर दूसरे बैच के शिक्षामित्रों का मूल अभिलेख वापस करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि 371 समायोजित शिक्षामित्रों का वेतन भुगतान कर दिया गया है।