दो दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड व खराब मौसम की वजह से मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सर्दी, जुकाम, बुखार व कोल्ड डायरिया के पीड़ित रोगियों की शुक्रवार को जिला अस्पताल में भरमार रही। पर्चा बनवाने के लिए काउंटर पर दोपहर के समय खूब धक्कामुक्की हुई। तीन दिन की धूप के बाद अचानक बदले मौसम की वजह से तमाम लोगों की तबीयत खराब हो गई है। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। इलाज के लिए सुबह से ही बीमार लोग अस्पताल के पर्चा काउंटर पर लाइन लगाए रहे। दोपहर के वक्त भीड़ बढ़ने के कारण पहले पर्चा बनवाने के लिए खूब धक्कामुक्की हुई।
सुबह आठ से दो बजे तक कुल 300 मरीजों की ओपीडी हुई। इन मरीजों में बच्चों की संख्या 70 बताई गई। डॉक्टरों ने इलाज के साथ ही मरीजों को बचाव का तरीका भी बताया। चिकित्सकों ने आगाह किया है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भले चंगे आदमी को बिस्तर पकड़ने के लिए मजबूर कर सकती है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल गुप्ता ने कहा है कि ठंडी से बच्चों की सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। थोड़ी सी चूक या अनदेखी बच्चों को बीमार कर सकती है।