अपर जनपद न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो अधिनियम पंकज कुमार श्रीवास्तव ने नाबालिग से दुराचार के आरोप में मानधाता के पवारपुर गांव के सहवाजुद्दीन को दोषी पाते हुए सात वर्ष की कैद व दस हजार रूपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड की राशि पीड़िता को उसके चिकित्सकीय एवं मानसिक आघात की पूर्ति व पुनर्वास हेतु दी जायेगी।
वादी मुकदमा ने मानधाता पुलिस को 29 जनवरी 2014 को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया कि उसकी नाबालिग बेटी सात जनवरी 2014 की शाम घर से शौच के लिए निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आई। काफी खोजबीन के बाद पता चला कि आरोपी सहवाजुद्दीन बेटी को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।
पीड़ित ने आरोपी व उसके परिजनों से बेटी के बारे में जानकारी की। उसके परिजन उसे धमकाने लगे। किसी तरह से वापस लौटी किशोरी ने कोर्ट को बताया कि उसे जबरदस्ती मोटरसाइकिल पर बैठा कर ले जाया गया और चेहरे पर कपड़ा भी लगाया गया था। पीड़िता को जान से मारने की धमकी आरोपी ने दी थी।
आरोपी पीड़िता को पहले इलाहाबाद ले जाया गया बाद में उसे आरोपी गुजरात ले गया। पीड़िता के साथ आरोपी ने गुजरात में कई बार दुराचार भी किया था। इस मामले में राज्य की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र त्रिपाठी ने की।