कोरोना की तीसरी लहर आने पर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जिले के लोगों पर भारी पड़ सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अफसर दूसरी लहर के बाद जिले में दस नए ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने का दावा करते रहे, लेकिन शासन को सिर्फ पांच ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने के लिए ही प्रस्ताव भेजा गया। इसमें भी समयसीमा बीत जाने के बाद भी सिर्फ एक ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो सका है।
कोरोना की दूसरी लहर ने जिले में कोहराम मचा दिया था। ऑक्सीजन के अभाव में मरीजों को परेशान होना पड़ा था। कई लोगों की मौत हो गई थी। इसे देखते हुए शासन ने कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को पहले से सभी जरूरी इंतजाम पूरे करने के निर्देश दिए थे। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग के अफसर जिले में दस नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाने का दावा करते रहे, लेकिन शासन को सिर्फ पांच नए प्लांट का प्रस्ताव भेजा गया।
बताया गया था कि पट्टी इलाके में सीएचसी पट्टी के साथ ही दरझुट समेत तीन अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था की जाएगी, लेकिन शासन को प्रस्ताव महज एक ऑक्सीजन प्लांट के लिए भेजा गया था। पट्टी सीएचसी में प्रस्तावित ऑक्सीजन प्लांट समय सीमा के भीतर तैयार हो गया। ऑक्सीजन प्लांट का शुभारंभ भी हो गया।
इसके अलावा मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग, महिला विंग और रानीगंज सीएचसी में ऑक्सीजन प्लांट तैयार होने थे। इसके साथ लालगंज में तीन और कुंडा में दो ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने का दावा सीएमओ ने किया था। मगर शासन को जो प्रस्ताव भेजा गया है उसमें महज मेडिकल कॉलेज के पुरुष और महिला विंग, रानीगंज, पट्टी और लालगंज सीएचसी का ही नाम है।
शासन ने 15 अगस्त तक ऑक्सीजन प्लांटों को क्रियाशील करने का आदेश दिया था, मगर अभी तक महज पट्टी सीएचसी में ही प्लांट का संचालन शुरू हो सका है। अन्य जगहों पर कहीं फाउंडेशन तैयार हो गया है और मशीन का इंतजार किया जा रहा है तो कहीं फाउंडेशन का निर्माण कार्य चल रहा है।
डिप्टी सीएमओ डॉक्टर एसके सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट में लगने वाले उपकरण के आने का इंतजार है। 30 अगस्त तक उपकरण आ जाएंगे। एक सितंबर से रानीगंज, मेडिकल कॉलेज के पुरुष विंग, लालगंज का ऑक्सीजन प्लांट का संचालन शुरू हो जाएगा।
उपकरण का इंतजार है। एक सितंबर से ज्यादातर ऑक्सीजन प्लांट का संचालन शुरू हो जाएगा। इसके बाद कुंडा और जहां जरूरत समझ में आएगी वहां प्लांट तैयार किए जाएंगे। - डॉक्टर सीपी शर्मा, एसीएमओ