इंसानियत के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर करने वाली विश्व विख्यात मदर टेरेसा को उनकी मृत्यु के बाद संत का सम्मान मिलने से ईसाई समुदाय के साथ-साथ समाज के अन्य वर्ग के लोगों और सोशल वर्क करने वालों में खुशी की लहर है। इस मौके जगह-जगह चर्च में प्रार्थना सभाओं का आयोजन हुआ। उनके जीवनवृत्त पर बनी डाक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई। लोगों ने उनसे प्रेरणा लेकर इंसानियत के रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।
मानवता को जिंदा रखा
भारत में आकर मदर टेरेसा ने मानवता के कल्याण के लिये ढेर सारे अच्छे और प्रशंसनीय कार्यकिये। बेसहारा, दिव्यांगों और अपाहिजों की सेवाकर उन्होंने मानवता की मिसाल पेश की। इस तरह के विचारों से इत्तेफाक रखते हुए शहर के होली रोजरी चर्च के फादर संतोष कुमार एवरेस्ट ने कहा कि मदर टेरेसा को संत का सम्मान मिलने से ईसाई ही नहीं वरन हर जाति और धर्म के लोगों में खुशी छाई हुई है। वह मानवता की मिसाल थीं।
उन्होंने बताया कि चर्च में प्रार्थना सभा में मदर टेरेसा को श्रद्धांजलि दी गई। डाक्यूमेेंट्री फिल्म देखकर समाज के लोगों में मदर टेरेसा की तरह बनने का संकल्प लिया गया। शिक्षक होने के नाते उनकी याद में 6 सितंबर को शिक्षक दिवस पर भी आयोजन किया जायेगा।