प्रतापगढ़। लॉकडाउन के चलते जिले में आर्थिंक तंगी से जूझ रहे ज्यादातर दुकानदार अब फलों एवं सब्जियों के व्यवसाय में उतर आए हैं। मजे की बात यह है कि बेचने वालों की संख्या बढ़ने के कारण फलों एवं सब्जियों के दाम घट गए हैं। आम तौर पर गर्मी के दिनों मेें ऐसा देखने को नहीं मिलता था, फलों एवं सब्जियों के भाव आसमान पर रहते थे।
जिले के अधिकांश बाजारों एवं चौराहों पर चाय-पान और छोटे होटल हैं। लॉकडाउन के चलते इन दुकानोें में ताला लटक रहा है। इससे दुकानदारों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। लॉकडाउन के दौरान फलों एवं सब्जियों का व्यवसाय करने वालों को छूट है। फलों एवं सब्जियों की डिमांड भी खूब है। ऐसे में आर्थिक तंगी से जूझ रहे चाय-नाश्ता, पान, होटल आदि के दुकानदारों ने भी अपना व्यवसाय बदल दिया है। ज्यादातर दुकानदारों ने फलों एवं सब्जियों की दुकान लगाना शुरू कर दिया है। सब्जियों एवं फलों की बिक्री के लिए ठेले लेकर निकल रहे हैं।
मजे की बात यह है कि बेचने वालों की संख्या बढ़ने से सब्जियों एवं फलों के दाम घट गए हैं। मौजूदा समय में भिंडी 25, करैला 30, नेनुआ 30, टमाटर 15 रुपये किलोग्राम के भाव में बिक रहा है। जबकि गर्मी के दिनों में इन सब्जियों के दाम मौजूदा दाम से दोगुने होते थे। चाय-नाश्ता की दुकान छोड़कर सब्जी का व्यवसाय करने वाले सीतापुर जिले के शिवकुमार बताते हैं कि लॉकडाउन के चलते अन्य दुकानों के बंद होने से सब्जियों एवं फलों की बिक्री बढ़ी है। शादी-विवाह के कार्यक्रम स्थगित होने से सब्जियों के दामों में गिरावट आई है। हालांकि इस व्यवसाय से रोजी-रोटी चल रही है।
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