कृषि विभाग से आठ माह पहले बीज लेने वाले किसानों को अभी तक सब्सिडी की रकम नहीं मिली है। जिले के 4153 किसानों के खाते में सब्सिडी की रकम भेजी जानी है, मगर विभाग को किसानों का आधार और खाता नंबर की फीडिंग करने में पसीना आ गया है। हालांकि किसानों के खाते में यह रकम भेजने की अंतिम तिथि 31 मार्च है।
जिले के किसानों को अनुदान पर बीज खरीदना भारी पड़ रहा है। आठ-आठ माह बाद भी किसानों को सब्सिडी की रकम नहीं मिल रही है। आलम यह है कि धान, चना, मटर और गेहूं का बीज खरीदने वाले किसानों को सब्सिडी के लिए कभी कृषि विभाग और कभी बैंक का चक्कर लगाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि विभाग में बजट की कोई कमी है, मगर कर्मचारियों की शरारत के चलते किसानों के खाते में सब्सिडी नहीं पहुंच रही है।
दरअसल में कर्मचारी अपनी जेब भरने के चक्कर में समय से सब्सिडी की राशि खाते में नहीं भेजते हैं। वह चाहते है कि किसान उनके पास तक आए और जेब गर्म करें। विभागीय आंकड़ों किया जाय तो 4153 किसान ऐसे हैं, जिनके खाते में सब्सिडी की रकम जानी है। मगर कर्मचारी कभी आधार और बैंक खाता नंबर गलत बताकर भेजने में आनाकानी कर रहे हैं। फिलहाल किसानों के खाते में यह रकम 31 मार्च तक जानी है। इसलिए विभागीय अधिकारी अब तेजी दिखाना शुरू कर दिए हैं।
किसानों के खाते में सब्सिडी की रकम भेजी जा रही है, जिन किसानों का आधार और खाता नंबर ठीक नहीं है, सम्बंधित ब्लाक के कर्मचारियों से ठीक कराया जा रहा है। फरवरी माह के अंत तक सभी किसानों के खाते में धनराशि पहुंच जाएगी।
डा. रघुनाथ सिंह, उपनिदेशक कृषि