आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराने के बाद वाल्बो बस में लगी आग में झुलसकर मानिकपुर निवासी परिचालक की मौत की खबर से घर में चीखुपुकार और कोहराम मच गया। सोमवार भोर में इसकी जानकारी मिलने के बाद परिवार में रोना-पीटना मच गया। घरवाले सुबह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए।
मानिकपुर थाना क्षेत्र के जाखामई निवासी धनंजय मौर्य (40) पुत्र लल्ला प्रसाद मौर्या लखनऊ रोडवेज डिपो में परिचालक था। उसकी पत्नी रंजना रोजगार सेवक है। होली की छुट्टी बिताने के बाद धनंजय हाल ही में ड्यूटी पर गया था। रविवार की रात वह आनंद विहार से बस के साथ लखनऊ जा रहा था।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर करहल थाना क्षेत्र में माइल स्टोन 76 पर बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस दौरान बस में आग लग गई। इसमें कई लोगों की झुलसने से मौत हो गई। हादसे में धनंजय भी जिंदा जल गया। भोर में इसकी सूचना परिजनों को मिली तो घर में चीखपुकार मच गई। परिजन तत्काल घटना स्थल के लिए रवाना हो गए।
मां, पत्नी और बेटों का रो-रो कर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिचालक के घर में रोना-पीटना मच गया। पूरे दिन पत्नी रंजना, बेटे शुभम (10) व सोनू (8) के साथ मां अनारकली बेटे को यादकर रोती रहीं। धनंजय के बड़े भाई संजय किराना की दुकान और टेंट हाउस का संचालन करते हैं। छोटा भाई रंजीत स्वच्छता मिशन के तहत चल रहे कार्यक्रम में संविदा पर कोआर्डिनेटर है।