रुड़की हरिद्वार रोड स्थित कुंती नमन कालेज में स्वच्छता अभियान को लेकर शपथ लेती छात्र-छात्राएं।
कक्षा एक से आठ तक में पढ़ने वाले सवा छह लाख बच्चों को इस वर्ष भी वजीफा नहीं मिलेगा। प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में छात्रवृत्ति के लिए समाज कल्याण विभाग को फूटी कौड़ी नहीं दी है। सरकार की संवेदनहीनता के चलते इस वर्ष भी बच्चों को हाथ मलना पड़ेगा। जबकि कक्षा नौ से परास्नातक तक के छात्र-छात्राओं को वजीफे के लिए अब ऑनलाइन आवेदन करना होगा। जिले के सरकारी, सहायता और मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले सवा छह लाख बच्चों को इस वर्ष भी निराश होना होगा। सरकार के इस फैसले से खासकर उन गरीब परिवारों को झटका लगा है, जो ठंडी के दिनों में वजीफा की धनराशि से स्वेटर खरीदकर पहनते थे।
बता दें कि कक्षा एक से पांच तक पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को तीन-तीन सौ रुपये और कक्षा छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को 480 रुपये की दर से छात्रवृत्ति दी जाती थी। बीते वर्ष वजीफा नहीं मिलने से आहत बच्चों और अभिभावकों को इस वर्ष काफी उम्मीदें थीं। मगर सरकार ने लगातार दूसरे वर्ष बच्चों को यह झटका दिया है। इधर, कक्षा नौ से परास्तानक तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को वजीफा के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। अगर, आवेदन में कोई कमी रह जाती है, तो उन्हें दुरुस्त करने का मौका दिया जाएगा। समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण सिंह ने बताया कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को वजीफा के लिए अभी तक कोई बजट नहीं मिला है।