पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी ने कहा कि कश्मीर भारत का हिस्सा है। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला का बयान गलत है। आतंकवाद इस्लाम का दुश्मन है। वतन हमारा है। हमें कोई बाहर नहीं निकाल सकता। देश की रक्षा के लिए जरूरत पडने पर खून की आखिरी बूंद को न्यौछावर करने के लिए तैयार रहना होगा। गौरक्षा के नाम पर बेगुनाहों की जान लेने वाले सबसे बड़े गुुंडे हैं। गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने के लिए सबसे पहले मैंने ही आवाज उठाई थी।
उत्तराखंड के पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी रविवार को मंदाह में आयोजित नेशनल एवार्ड और मुशायरे में शामिल होने के लिए बेल्हा पहुंचे थे। लोनिवि डाकबंगले में बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि गौरक्षा के नाम पर बेगुनाहों पर जुल्म करना अत्याचार है। ऐसे लोग सरकार को बदनाम करने के लिए लोगों पर जुल्म कर रहे हैं। वे सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। देश के प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री पर पूरा भरोसा है। पीएम ने ऐसे लोगों को फटकार लगाई थी। जो व्यक्ति धर्म से जुड़ा होता है वह कभी भी फिरकापरस्त नहीं हो सकता। प्रदेश के मुख्यमंत्री अमन भाईचारे को कायम रखने की हमेशा बातें करते हैं। वर्ष 2013 में उत्तराखंड में आयोजित मुसलिम सम्मेलन में गाय को न काटने का सभी ने संकल्प लिया था। दूध देने वाली गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग सबसे पहले उन्होंने ही उठाई थी। देश की संस्कृति बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला के उस बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने पीओके को पाक का हिस्सा बताया था। पूर्व राज्यपाल ने कहा कि फारुक अब्दुल्ला के वालिद खुद कश्मीर को देश का अहम हिस्सा मानते थे। अब्दुल्ला ने भी कई बार बयान में कश्मीर को देश का अहम अंग माना है। आतंकवाद इस्लाम का सबसे बड़ा दुश्मन है। जिस मजहब में खुदकुशी हराम है। उस मजहब के लिए बेगुनाहों को बरगलाकर आतंक के रास्ते पर भेजना सरासर गलत है। ऐसी राह पर चलने वाला न तो देश का होता है और न ही अपने मजहब का। यदि कोई ऐसे कार्यों में लिप्त दिखे तो उसे सड़क पर गोली मार देनी चाहिए। मुसलमानों को कोई भी बाहर नहीं निकाल सकता।