आखिरकार ‘अमर उजाला’ की मुहिम रंग लाई। बृहस्पतिवार को डीएम लाव लश्कर के साथ सई नदी और बेल्हा देवी घाट का निरीक्षण करने पहुंच गए। नदी में गंदगी देख उनका माथा ठनक गया। उन्होंने आदेश जारी कर दिया कि सई में कूड़ा और गंदगी फेंकने वालों को जेल भेजा जाएगा। साथ एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने नगर पालिका के ईओ को तत्काल नदी और घाटों की सफाई कराने का निर्देश दिया। इसके घंटे भर बाद ही नदी और घाटों पर दो दर्जन से अधिक सफाईकर्मी और जेसीबी लगाकर सफाई शुरू करा दी गई। पानी से जहां काई और गंदगी निकाली गई, वहीं घाटों पर चारों तरफ मिट्टी डलवाई गई। सफाई का काम आगे भी जारी रहेगा। बेल्हा देवी मंदिर के दोनों तरफ से गिर रहे बड़े नालों को एक और नाला बनाकर सीधे एसटीपी से जोड़ा जाएगा। साथ नदी के किनारे घाट पर प्लेटफार्म बनाकर इंटरलाकिंग कराई जाएगी। वन विभाग नदी के किनारे टी गार्ड लगवाएगा।
‘अमर उजाला’ ने सई नदी की गंदगी और बेल्हा देवी के घाटों पर फैली गंदगी को लेकर मुहिम छेड़ रखी है। डीएम अमृत त्रिपाठी ने इस समस्या को गंभीरता से लिया। बृहस्पतिवार को सुबह करीब नौ बजे वह सदर एसडीएम जेपी मिश्रा, डीएफओ वाईपी शुक्ला, नगर पालिका के ईओ अवधेश कुमार यादव और जलनिगम के अधिशासी अभियंता राजेश खरे को लेकर नदी के किनारे बेल्हा देवी घाट पर पहुंच गए। सबसे पहले उन्होंने नदी में गिरने वाले नालों को देखा। जिलाधिकारी ने शहर की गंदगी सीधे नदी में गिरते देख जलनिगम के एक्सईएन को तलब किया। निर्देश दिया कि दोनों नालों को जोड़ते हुए एक और नाला बनाकर गंदगी नदी में गिरने के बजाए सीधे सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट मे भेजी जाए। नगर पालिका के ईओ को घाटों पर प्लेटफार्म बनाकर इंटरलाकिंग करने के साथ ही जगह-जगह सूचना बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। जिस पर चेतावनी लिखी होगी कि सई नदी में गंदगी, कूड़ा या अपशिष्ट पदार्थ डालने पर पकड़े जाते समय सीधे जेल भेजा जाएगा। एक हजार रुपये जुर्माना भी लगेगा।
नदी में फूल-माला और राख फेंकना भी वर्जित होगा। जिलाधिकारी ने डीएफओ से घाटों के किनारे छायादार पौधे लगवाने के लिए कहा। नदी के किनारे बड़े-बड़े कूड़ेदान रखे जाएंगे। जिसमें कूड़ा एकत्र किया जाएगा। घाटों पर गंदगी रोकने की जिम्मेदारी बेल्हा देवी मंदिर समिति की भी होगी। समिति के वालंटियर गंदगी फैलाने वालों को रोकेंगे। साथ ही उन्हें जागरूक भी किया जाएगा। डीएम ने कोतवाली पुलिस को नदी में गंदगी फेंकने वालों पर कड़ी नजर रखने के साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सारे अधिकारियों से तीन दिन के भीतर रिपोर्ट तलब की है। उधर, जिलाधिकारी की सख्ती का असर रहा कि निरीक्षण के घंटे भर बाद नदी और घाटों की सफाई का काम शुरू हो गया।