पट्टी विधानसभा के विधायक व प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री राजेेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह का विनैका निवासी सभापति यादव कभी करीबी हुआ करता था। उनके समर्थन से ही सभापति आसपुर देवसरा ब्लाक का प्रमुख बन सका था। बाद में राजनैतिक महत्वाकांक्षा के चलते गैंगेस्टर सभापति यादव मंत्री मोती सिंह का विरोधी बन बैठा। पट्टी विधानसभा के विनैका गांव निवासी सभापति यादव ढाई दशक पहले कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह का करीबी था। वर्ष 1999 में वह सपा की सक्रिय राजनीति करने लगा। जिसके बाद मंत्री से उसकी दूरी बढ़ती गई। मौजूदा समय में देवसरा ब्लाक प्रमुख की कुर्सी पर उसकी पत्नी माधुरी यादव का कब्जा है। घर में ही प्रधानी है और भाई सुभाष यादव जिला पंचायत सदस्य है।
मुजाही बाजार में पुलिस से मुठभेड़ के बाद है फरार
पट्टी कोतवाली क्षेत्र के मुजाही बाजार में बीते छह अगस्त को पोस्टर फाड़ने को लेकर फायरिंग व दुकानों में तोड़फोड़ की घटना हुई थी। इस मामले को लेकर अपने समर्थकों से मिलने देवसरा ब्लाक प्रमुखपति व सपा नेता सभापति यादव 6 अगस्त को मुजाही बाजार पहुंच गया। यहां पट्टी कोतवाल से उसकी झड़प हो गई थी। बाद में उसके खिलाफ पट्टी कोतवाली में रौनक सिंह की तहरीर पर जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस से मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज करते हुए उसके लाइसेंसी असलहे बरामद कर चार लोगों को जेल भेजा गया। इस घटना के बाद से सभापति यादव फरार चल रहा है। वह जब तब सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर मंत्री मोती सिंह से खुद को खतरा बताता रहता है।
1 करोड़ 61 लाख की संपत्ति प्रशासन ने की है कुर्क
सभाजीत के खिलाफ पुलिस ने गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने 13 अगस्त को उसकी अवैध कमाई से अर्जित 1 करोड़ 61 लाख की संपत्ति को कुर्क कर लिया था।