रानीगंज के पड़वा नसीरपुर में बंद पड़ा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र। संवाद
जिले की 1235 ग्राम पंचायतों में बने आरआरसी सेंटर बंद पड़े हैं। गांवों में गंदगी फैली है। इसके बाद भी सेंटर का संचालन शुरू नहीं हो सका है। लाखों की लागत से तैयार किए गए आरआरसी सेंटर तो चमक रहे हैं लेकिन गांव में कचरा फैला है।
अधिकांश सेंटर छोटे होने के कारण 2.50 लाख रुपये से निर्मित किए गए हैं। अधिकारियों ने गांवों से कचरा उठान का आदेश दिया है। बावजूद इसके गांवों में कचरा सफाई न होने गंदगी फैली है। एक साल पहले बने सेंटर का अब तक संचालन नहीं हो सका है।
घर-घर कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराए गए हैं। हाल ही में विकासखंड मंगरौरा में आरआरसी सेंटर संचालन के लिए बैठक की गई। बैठक में 51 सफाई कर्मी अनुपस्थित रहे। अधिकारियों ने अनुपस्थित सफाई कर्मियों को सात दिन के अंदर ग्राम पंचायतों से कूड़ों के साथ पॉलिथीन और प्लास्टिक को आरआरसी सेंटर पर एकत्र कर रिसाइक्लिंग का आदेश दिया।
सफाई न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। आदेश के बावजूद ग्राम पंचायतों में सफाई नहीं की गई। 1235 ग्राम पंचायतों में आरआरसी सेंटरों पर ताले लटक रहे है। रानीगंज के कमासिन निवासी अमरपाल मिश्रा ने बताया कि गांव में आरआरसी सेंटर बना है, लेकिन कूड़े का उठान नहीं होता है। जगेशगंज निवासी निर्मल पटेल ने बताया कि आरआरसी सेंटर बना है। कूड़ा उठान के लिए ई-रिक्शा भी है, लेकिन घर-घर कचरा एकत्र नहीं किया जाता है।
बोले अफसर
सप्ताह में एक बार 10 किलो कूड़ा उठान का आदेश दिया गया है। ताकि उसे रिसाइकिल किया जा सके। कूड़ा-कचरा आरआरसी सेंटर पर जमा करने का आदेश है। जिन सेंटरों का संचालन नहीं हो रहा है। उनको नोटिस भेजकर कार्रवाई की जाएगी। - श्रीकांत दर्वे, डीपीआरओ
रानीगंज के पड़वा नसीरपुर में बंद पड़ा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र। संवाद