शहर के दो कबाड़ियों के गोदाम पर आरपीएफ ने मारा छापा, रेलवे का लोहा बरामद
एक कबाड़ी पुलिस के हत्थे चढ़ा, फरार लोगों की तलाश में आरपीएफ दे रही दबिश
चोरी रेलवे के लोहे को लेकर इंजीनियरिंग विभाग के लोगों पर गहराया शक
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। रेलवे सुरक्षा बल ने चोरी हो रही रेल संपत्ति का एक बड़ा जखीरा शहर के दो कबाड़ियों के गोदाम से बरामद किया है। कबाड़ी के गोदाम पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने चिलबिला स्टोर से गायब ट्रैक मशीन में लगने वाले एक महत्वपूर्ण पार्ट्स को भी बरामद किया है। जिसकी बाजार में लाखों की कीमत बताई जा रही है। आरपीएफ ने कबाड़ी बबलू उर्फ दिलशाद को धर दबोचा। उसके साथियों की तलाश में आरपीएफ जगह- जगह दबिश दे रही है। गिरफ्तारी की खबर फैलते ही कबाड़ी मोहल्ले के लोग थाने पर जमा होने लगे।
गुरुवार को आरपीएफ को मुखबिर से सूचना मिली कि टक्करगंज मोहल्ले में स्थित बबलू कबाड़ी उर्फ दिलशाद और अख्तर के गोदाम में चुराया रेलवे का लोहा रखा हुआ है। जिसे जल्द ही बाहर भेजने की तैयारी है। इस बात की पुख्ता जानकारी के बाद आरपीएफ के इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ पहले बबलू कबाड़ी के गोदाम पर छापा मारा। इसके बाद अख्तर कबाड़ी के गोदाम पर छापेेमारी की। पुलिस की छापेमारी के बाद अख्तर और बबलू दोनों फरार हो गए। तलाशी के दौरान इंजीनियरिंग विभाग को कबाड़ियों के गोदाम से महत्वपूर्ण रेलवे संपत्ति जिसमें ट्रैक से जुड़ी लोहे की चीजें मिली हैं। जिनकी कीमत लाखों की बताई जा रही है। इसमें सबसे कीमती ट्रैक मशीन का कटरवार दो हिस्से में मिला। जिसकी कीमत लाखों में हैं। हालांकि बाद में आरपीएफ ने बबलू को गिरफ्तार कर लिया। उसने रेलवे लोहा चोरी के कई राज खोले हैं। पूछताछ के बाद आरपीएफ उसके साथियों की तलाश में जुटी हुई है। इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह ने बताया कि अख्तर फरार है। उसके यहां से मिला लोहा रेलवे की संपत्ति है। इसकी पड़ताल के लिए पीडब्लूडी आई चीफ को बुलाया गया है। बबलू व अख्तर के खिलाफ रेलवे 3 आरपी यूपी एक्ट के मुकदमा दर्ज होगा।
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जर्मनी के हैं बरामद पाटर्स
चिलबिला रेलवे स्टोर से चोरी गई मशीन कटरवार के एक हिस्से की कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है। पांच पार्ट्स गायब थे। जिसमें से दो कबाड़ी की दुकान पर मिल गए। रेल विभाग के जेई का कहना है कि पार्ट्स जर्मनी से आए थे। जिसके गायब होने के बाद खोजबीन की जा रही थी।
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मशीन खड़ी करके चलते बने
जर्मनी के कलपुर्जे से लैस मशीन को लोग बेफिक्र होकर चिलबिला में खड़ी करके चलते बने। जिसे चोरों ने गायब कर दिया। इसकी सूचना आरपीएफ को भी नहीं दी गई। जब चोरी हुई तब इंजीनियरिंग विभाग के लोगों ने भागदौड़ शुरू की। उनके जेहन में 8 साल पहले हुई इसी तरह की घटना ताजा हो गई। जिसमें लोहा चोरी में मामले में एक दिवंगत आईओडब्ल्यू और उसका चपरासी लिप्त था। चर्चा है कि इस चोरी में इंजीनियरिंग विभाग के कुछ लोगों का हाथ है। अगर सही से जांच हो जाए तो हकीकत सामने आ जाए। फिलहाल घटना के बाद विभाग में हड़कंप मचा है। लोग अपना बचाव शुरू कर दिए हैं।
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आरपीएफ के इंस्पेक्टर हुए थे सस्पेंड
आठ साल पहले रेल विभाग का लोहा व बिजली के पोल बड़े पैमाने पर चोरी हो गए थे। शिकायत के बाद भी आरपीएफ लोहा बरामद नहीं कर सकी। बाद में जीआरपी ने अख्तर कबाड़ी के गोदाम से काफी मात्रा में चोरी का लोहा बरामद किया था। इस मामले में की उच्च स्तरीय जांच हुई। जिसके बाद आरपीएफ के तत्कालीन निरीक्षक को सस्पेंड कर दिया गया था। यहां तक आरपीएफ के अधिकारियों को जांच करने के लिए भी आना पड़ा था।
नगर कोतवाली के टक्करगंज में आरपीएफ के द्वारा छापे के दौरान कबाड़ गोदाम से बरामद रेलवे का लोहा।- फोटो : PRATAPGARH
नगर कोतवाली के बाबागंज स्थित अख्तर कबाड़ी के गोदाम में बरामद रेलवे के सामान का निरीक्षण करते आरप?- फोटो : PRATAPGARH