Room at centers, furniture problem, testers over capacity
यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए जिले में जारी परीक्षा केंद्रों की सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण प्रक्रिया पूरी तरह फेल हो गई है। तीन दिन के भीतर प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों पर ढाई सौ से अधिक आपत्तियां आईं हैं। इसमें 35 प्रतिशत आपत्तियां परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों को लेकर हैं। 30 जनवरी के बाद आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू होगी।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा के लिए जिले में बोर्ड द्वारा 190 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी गई है। परीक्षा केंद्रों पर आपत्तियां मांगी गईं हैं। चार दिन से लगातार डीआईओएस कार्यालय में आपत्तियां आ रहीं हैं। अब तक ढाई सौ से अधिक आपत्तियां आ चुकी हैं। ऑनलाइन केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया में इस बार बड़ी खामी सामने आई है। 35 फीसदी आपत्तियां परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से अधिक परीक्षार्थियों की हैं।
स्वामी करपात्री इंटर कॉलेज रानीगंज को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसे संकलन केंद्र भी बनाया जाता है। परीक्षा केंद्र की क्षमता से 200 अधिक परीक्षार्थी इस बार यहां बढ़ गए हैं। विद्यालय में कमरे तो पर्याप्त हैं, मगर फर्नीचर की दिक्कत है। बृजेंद्र मणि इंटर कॉलेज कोहड़ौर में 187 परीक्षार्थी अधिक हैं। यहां भी कमरों की दिक्कत है।
इसी तरह चंद्रिका इंटरमीडिएट कॉलेज संडवाचंद्रिका में क्षमता से 140 परीक्षार्थी अधिक हैं। यही हाल मथुरा प्रसाद इंटर कॉलेज चिलबिला का है। यहां क्षमता से 100 परीक्षार्थी अधिक हैं। इसके अलावा 40 फीसदी आपत्तियां केंद्र न बनाए जाने को लेकर हैं।
संचालकों का दावा है कि उनके विद्यालय सभी संसाधनों से युक्त हैं, इसके बाद भी उन्हें परीक्षा केंद्र की सूची से बाहर रखा गया है। 25 प्रतिशत आपत्तियां परीक्षा केंद्र दूर बनाने को लेकर हैं। डीआईओएस कार्यालय में आपत्तियों को ऑनलाइन किया जा रहा है। डीआईओएस सवर्दानंद ने बताया कि 30 जनवरी तक आपत्तियां ली जाएंगी। इसके बाद टीम स्थलीय निरीक्षण कर इसकी जानकारी बोर्ड को देगी। इसके बाद परीक्षा केंद्रों की सूची पर अंतिम मुहर लगेगी।