लखनऊ में 23 जून को रोजगार सेवकों के आंदोलन को असफल बनाने के लिए अधिकारियों के आदेश पर रोजगार सेवकों की बुधवार को जिले की पुलिस धरपकड़ करती रही। कई वाहनों की बुकिंग कैंसिल कराई गई। रोडवेज व रेलवे स्टेशनों पर भी पुलिस रोजगार सेवकों को खोजती रही। इससे हड़कंप मचा रहा। विनियमितिकरण की मांग को लेकर रोजगार सेवक कई वर्षों से आंदोलित हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार उनकी मांगों को पूरा करने के बजाय टालमटोल कर रही है। इसलिए 23 जून को रोजगार सेवक अपने हक की आवाज बुलंद करने के लिए लखनऊ में आंदोलन का एलान किया है।
शासन ने रोजगार सेवकों के आंदोलन को असफल करने के लिए हरसंभव प्रयास तेज कर दिए। शासन के आदेश पर खुफिया विभाग रोजगार सेवकों के रणनीति की जानकारी जुटाने लगा। अधिकारियों के आदेश पर रोजगार सेवकों के पदाधिकारियों की तलाश में पुलिस ने छापेमारी भी की। कुंडा, पट्टी, रानीगंज पुलिस ने अपने क्षेत्र के रोजगार सेवकों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही उनके द्वारा बुक कराए गए वाहनों की बुकिंग कैंसिल भी करा दिया। ताकि रोजगार सेवक आंदोलन में शामिल होने के लिए लखनऊ न जा सके। रेलवे स्टेशन के साथ ही रोडवेज बस डिपो पर भी पुलिस की पैनी निगाह लगी रही।