विनियमितीकरण और मानदेय की मांग को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। गुरुवार को शिक्षक संगठनों ने जुलूस निकालकर विरोध जताया। मूल्यांकन केंद्रों पर तालाबंदी कर धरना दिया। इससे बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन नहीं हो पाया। मांगों को लेकर शिक्षकों का कार्य बहिष्कार रुक नहीं रहा है। गुुुरुवार को शिक्षकों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। जीआईसी में एकत्र हुए शिक्षकों ने जुलूस निकालकर अपना विरोध जताया। विरोध के चलते जीआईसी, केपी कॉलेज, अबुल कलाम आजाद और तिलक कॉलेज में मूल्यांकन का कार्य नहीं हो सका। केपी कॉलेज और जीआईसी में शिक्षक घुस नहीं सके।
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने तालाबंदी कर दी और धरने पर बैठ गए। केपी कॉलेज में डीआईओएस के काफी अनुनय विनय के बाद हस्ताक्षर के लिए शिक्षकों को अंदर जाने दिया गया। अंदर गए शिक्षकों ने कॉपी जांचनी शुरू कर दी। यह जानकारी मिलने पर शिक्षक भड़क उठे। जीआईसी से केपी कॉलेज पहुंचे शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया। केंद्र में घुस गए और कॉपी फेंकने की धमकी देेने लगे। इसको लेकर दो गुटों में काफी कहासुनी हुई। अंत में शिक्षकों ने कॉपियां जांचनी बंद कर दी।
हालांकि एक गुट ने आज से बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन करने का वादा किया था। मगर वित्तविहीन गुट के शिक्षकों ने काम ठप करवा दिया। उ.प्र. माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की मांग का समाधान नहीं हो जाता तब तक शिक्षक मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार करेंगे। वित्तविहीन गुट के अध्यक्ष प्रभाकर द्विवेदी ने कहा सभी शिक्षक कार्य बहिष्कार में सहयोग करें। वित्तविहीन शिक्षक महासभा के अध्यक्ष लाल कृष्ण प्रताप सिंह ने कहा कि मानदेय की मांग के लिए यह आंदोलन किया जा रहा है।