जनपद के कारोबारियों के गोदामों की कुंडली तैयार करने में प्रशासन जुट गया है। मंगलवार को रिहायशी मकान में बने गोदाम में लगी आग को लेकर जिलाधिकारी के तेवर सख्त हो गए हैं। ग्रामीण अंचल की बाजारों पर भी नजर रखी जाएगी।
मंगलवार को भोर में जीजीआईसी के पीछे रुई के थोक व्यापारी गिरिराज के रिहायशी गोदाम में आग लग गई थी। आग बुझाने में फायरब्रिगेड कर्मियों को दस घंटे तक मशक्कत करनी पड़ी थी। इस हादसे के बाद दूसरे लोगों की जान व सामान पर भी खतरा मंडराता रहा। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने संबंधित विभाग के अफसरों को तलब कर ऐसे कारोबारियों की सूची तैयार करने का आदेश सुनाया। शहर के साथ ही ग्रामीण अंचलों की बाजारों पर भी प्रशासन की नजर है।
सूची तैयार होने के बाद ऐसे स्थानों की अलग से सूची बनेगी। जहां आग लगने के बाद फायरब्रिगेड के वाहनों को पहुंचने में मशक्कत का सामना करना पड़ता हो। ऐसे कारोबारियों को गोदाम परिवर्तन करने के लिए भी कहा जाएगा। एसडीएम सदर जेपी मिश्रा ने बताया कि बिना अनुमति के रिहायशी मकानों का गोदाम के रूप में प्रयोग करने वालों को किसी भी तरह की आर्थिक सहायता भी नहीं मिलेगी। दूसरे लोगों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
रुई के थोक विक्रेता गिरिराज के रिहायशी गोदाम में लगी आग ने प्रशासनिक अमले को परेशान करके रख दिया। करीब दस घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका था। बुधवार को भी रिहायशी मकान के गोदाम से मलबा नहीं हटाया जा सका। कारोबारी के आदमी दुकान के जले मलबे को हटाने का काम करते रहे। नुकसान को देखने के लिए बुधवार को भी लोगों का मजमा लगा रहा।