श्रीराम तिराहे पर स्थित कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। संवाद
करवाचौथ, धनतेरस और दिवाली को लेकर बाजारों में रंगत बढ़ने लगी है। हांलाकि त्योहारी बाजार में महंगाई के तड़के ने खरीदारी को थोड़ा तीखा जरूर किया है। इस बार सूती कपड़ों की खरीदारी बढ़ी है। इसके साथ ही कपड़ों की कीमतों में 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
पितृपक्ष की समाप्ति के बाद कारोबारियों को व्यापार में बढ़ोत्तरी की उम्मीद थी, लेकिन बाजार अपेक्षा के अनुसार गुलजार नहीं दिख रहा हैं। कपड़ा कारोबारियों का कहना है कि राजस्थान के पालीवाले पात्रा बाजार और अहमदाबाद की बाजारों से आने वाले सूती कपड़ों के दाम में बढ़ोत्तरी हुई है। पंजाब और हरियाणा से आने वाले गर्म कपड़ों के दामों में भी लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसलिए बाजार में अभी गर्म कपड़ों की नई थोक नहीं आई है। कारोबारी इसके दाम घटने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सिंथेटिक व सिल्क के कपड़ों के दाम सामान्य हैं।
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कारोबारियों से बात ...
- राजस्थान के कपड़ा बाजार में सूती कपड़ों के दाम बढ़ गए हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। खरीदार इसकी जगह सिंथेटिक या सिल्क के कपड़े ले रहे हैं।
- संजय झलानी।
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3- अधिकांश कपड़े राजस्थान और गुजरात के बाजारों से आते हैं। इस बार दाम में वृद्धि हुई है। इससे पिछले साल की अपेक्षा खरीदारी कम हो रही है।
- गुरमीत सिंह।
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महिलाओं की बात
- इस बार सूती साड़ियों के दाम ज्यादा बढ़े हुए हैं। अर्गेंजा और बनारसी साड़ियां भी महंगी हुई हैं। इस वजह से करवाचौथ और दिवाली पर पुरानी साड़ियों से ही काम चलाना पड़ेगा।
- गायत्री शुक्ला।
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- दिवाली पर घर के लोगों के लिए कपड़ों की खरीदारी करते थे। इस बार दाम बढ़े हुए हैंं। इस वजह से कपड़े खरीदने में परेशानी हो रही है।
- कामायनी उपाध्याय।
श्रीराम तिराहे पर स्थित कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। संवाद
श्रीराम तिराहे पर स्थित कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। संवाद
श्रीराम तिराहे पर स्थित कपड़े की दुकान में खरीदारी करते लोग। संवाद