प्रभारी मंत्री को खरी-खोटी सुनाकर लौटाया
परिजनों ने लगाया झूठ बोलने का आरोप, भाई से नोकझोंक, झेलना पड़ा विरोध
ढाई घंटे की मशक्कत के बाद मनाने में हो गई थीं कामयाब, अंतिम समय में बिगड़ी बात
चार शस्त्र लाइसेंस, एक वरासत, दो बीघे जमीन का पट्टा, 10 दस लाख नगद और पत्नी को अनुदेशक की नौकरी का था प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
बाबागंज। बदमाशों की गोली के शिकार बने विश्व हिंदू परिषद कुंडा प्रखंड के जिलाध्यक्ष और अधिवक्ता ओम मिश्र के परिजनों को प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह ने ढाई घंटे की मशक्कत के बाद अंतिम संस्कार के लिए तैयार कर लिया था, लेकिन अंतिम समय में बात बिगड़ गई। 28 घंटे से भी अधिक समय से घर के सामने शव रखकर सीएम को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े घरवालों ने प्रभारी मंत्री को खरी-खोटी सुनाकर बैरंग लौटा दिया। अधिवक्ता ओम मिश्र के भाई से प्रभारी मंत्री की नोकझोंक हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने मंत्री के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके कुछ देर बाद वह डीएम-एसपी के साथ वहां से निकल गईं।
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद शव दरवाजे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे परिजनों को मनाने के लिए जिले की प्रभारी स्वाति सिंह लाव लश्कर के साथ मंगलवार दोपहर करीब पौने एक बजे कलिकापुर ढिंगौसी गांव पहुंचीं। मंत्री ने एक-एक कर परिवार के लोगों से मुलाकात की और ढांढस बंधाया। उन्होंने घर के भीतर जाकर परिवार की महिलाओं से भी बात की। ढाई घंटे तक बातचीत करने के बाद वह परिजनों को मनाने में कामयाब हो गईं। ओम मिश्रा के पिता तीरथनाथ मिश्रा को चार नए शस्त्र लाइसेंस, एक वरासत, दो बीघे जमीन का पट्टा और दस लाख रुपये नगद के साथ पत्नी को कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनुदेशक की नौकरी का प्रस्ताव दिया। इस पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए। प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया कि लाइसेंस शाम तक जारी हो जाएंगे। पचास लाख की आर्थिक सहायता की मांग पर अड़े घरवालों को दस लाख तत्काल देने और 40 लाख के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश करने की बात कही। घर से बाहर निकलने पर ओम मिश्रा के भाई धीरज ने मंत्री से मांगें तत्काल पूरी करने के लिए कहा। जिसे लेकर उनकी मंत्री से कहासुनी हो गई। इससे गुस्साए लोगों ने प्रभारी मंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी नारेबाजी करनी शुरू कर दी। प्रभारी मंत्री पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए उन्हें खरी-खोटी सुनाना शुरू कर दिया। घरवालों का आरोप था कि मंत्री ने घर के भीतर शाम तक लाइसेंस जारी करने का आश्वासन दिया था। बाहर निकलने पर वह 18 जुलाई के बाद लाइसेंस जारी होने की बात कहने लगीं। इसी तरह जमीन के पट्टे के आश्वासन से भी वह मुकर गईं। अधिवक्ता ओम मिश्रा की बहन ने भी प्रभारी मंत्री को उल्टा-सीधा कहना शुरू कर दिया। भीड़ की नारेबाजी और विरोध से असहज मंत्री करीब सवा तीन बजे डीएम-एसपी के साथ वहां से निकल गईं।
इनसेट तुम नहीं आप कहिए, उंगली दिखाकर बात मत करिए मंत्रीजी
अधिवक्ता ओम मिश्र की हत्या के बाद शव दरवाजे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे घरवालों को मनाने के लिए पहुचीं जिले की प्रभारी मंत्री स्वाति सिंह को तीखा विरोध झेलना पड़ा। ओम मिश्र के छोटे भाई धीरज से उनकी नोकझोंक हो गई। स्वाति सिंह पहुंचते ही घर के अंदर चली गईं। बाहर निकलने के बाद धीरज ने उनसे पूछ लिया कि क्या-क्या मांगें पूरी कर रही हैं। इस पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि धीरज तुमसे तो बात हो गई हैं। बस इसी बात को लेकर धीरज भड़क गया। उसने कहा कि मंत्रीजी तुम नहीं आप कहिए। तुम नहीं चलेगा। उंगली दिखाकर बात मत करिए। आप अपमानित कर रही हैं। इस बीच वहां पहुंची ओम की बहन भी मंत्री पर बरस पड़ी। उसने कहा कि चले जाइए, आप झूठ बोलने आई हैं, झूठा आश्वासन देने आई हैं। यह सुनने के बाद प्रभारी मंत्री बुरी तरह झुंझला उठीं।
सीएम से बता कराओ...अभी व्यस्त हैं
शासन से मिलने वाली मदद के प्रस्ताव के बाद अधिवक्ता ओम मिश्र के पिता तीरथनाथ मिश्र ने प्रभारी मंत्री से सीएम योगी आदित्यनाथ से बात कराने के लिए कहा। इस पर प्रभारी मंत्री ने सीएम के पीए को फोन लगाया। पता चला कि मुख्यमंत्री किसी जरूरी बैठक में हैं। अभी बात नहीं हो सकती है। मंत्री ने विश्वास दिलाने के लिए अधिवक्ता के पिता से भी पीए की बात कराई, लेकिन इसके बाद भी वह उनको मनाने में कामयाब नहीं हो सकीं।