मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का बाण लगते ही रावण धू-धू कर जल गया। राम-रावण का युद्ध देखने के लिए शहर के हजारों श्रद्धालु रामलीला मैदान में डटे रहे। रावण का पुतला जलते ही आतिशबाजी होने लगी। मंगलवार को भगवान श्रीराम का रथ रामलीला मैदान पहुंचा। वहीं जय लंकेश की ध्वनि के साथ रावण भी अपनी सेना के साथ गर्जना करता हुआ पहुंचा। युद्ध शुरू हुआ तो बाणों की गर्जना से रामलीला मैदान गूंजने लगा। विभीषण ने राम के कान में रावण की मृत्यु का राज बताया तो भगवान राम ने एक ही बाण से उसकी नाभि भेद दी। इसके बाद रावण के पुतले में राम ने तीर मारा, तो पुतला जलने लगा। इसके पूर्व शहर के गोपाल मंदिर से निकली झांकी को देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।
रावण वध के बाद भगवान राम का विजय रथ जेलरोड स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर पहुंचा। जहां पहले से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं ने आरती उतारी। रामलीला की मुख्य अतिथि पूर्व सांसद रत्ना सिंह, डीएम डॉ आदर्श सिंह, पत्नी शीतल वर्मा, एसपी माधव प्रसाद वर्मा, रोशनलाल ऊमरवैश्य ने श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता की आरती उतारी। जयनारायण अग्रवाल, ऊमर वैश्य, सुनील सिंह, संजय झलानी, हरि प्रताप सिंह, नागेंद्र सिंह यादव, प्रह्लाद खंडेलवाल आदि रहे।