प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत नि:शुल्क गैस कनेक्शन पाने वाले सवा लाख उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी है। एक अप्रैल से गैस रिफिल कराने पर उन्हें भी सब्सिडी की राशि मिलेगी। मगर यह सब्सिडी उनके छह बार तक गैस भराने पर ही मिलेगी। इसके बाद सब्सिडी बंद कर दी जाएगी। केंद्र सरकार उपभोक्ताओं को एक अप्रैल से यह सुविधा मुहैया कराएगी।
केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के हित में एक और फैसला लिया है। उज्ज्वला गैस योजना के तहत जिले के सवा लाख उपभोक्ताओं को नि:शुल्क गैस कनेक्शन देने वाली मोदी सरकार ने सब्सिडी कटौती पर रोक लगा दी थी। दरअसल में उपभोक्ताओं के गैस रिफिल कराने पर मिलने वाली सब्सिडी से गैस कनेक्शन के राशि की भरपाई की जा रही थी।
इससे जिले के अधिकांश उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद गैस रिफिल कराना बंद कर दिया। एजेंसी संचालकों की मानें तो उज्ज्वला गैस योजना के तहत रिफिल कराने वालों का प्रतिशत मात्र 28-30 प्रतिशत है। अधिकांश लोग सिर्फ इसी भय से रिफिल नहीं करा रहे थे, उन्हें सब्सिडी की राशि नहीं मिलती थी।
केंद्र सरकार ने एक अप्रैल से गैस रिफिल कराने वाले उज्ज्वला गैस योजना के लाभार्थियों की सब्सिडी उनके बैंक खाते में भेजने का फैसला किया है। मगर सब्सिडी की राशि सिर्फ छह बार रिफिल कराने पर ही मिलेगी। इंडेन गैस सर्विस के सेल्स आफीसर्स रोहित गुप्ता ने बताया कि इंडेन, एचपी और भारत गैस से रिफिल कराने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी की राशि उनके खाते में भेजी जाएगी।
उपभोक्ताओं से होना है 1600 रुपये की रिकवरी
उज्ज्वला गैस योजना के लाभार्थियों को कहने के लिए नि:शुल्क कनेक्शन दिया गया है। मगर जब लाभार्थी गैस रिफिल कराता है, तो उसके सब्सिडी के रकम से 1600 रुपये की रिकवरी की जाती है। इसी रिकवरी की डर से उज्ज्वला गैस लाभार्थियों ने गैस रिफिल कराना ही बंद कर दिया है।