मानधाता इलाके के सरायराजा मुसहर बस्ती में बना कच्चा आशियाना तीन मासूमों की कब्रगाह बन गया। बुधवार को कच्ची दीवार ढहने से तीन तीन मासूम दब गए। जब तक मलबा हटाया जाता तीनों की सांसे थम चुकी थी। बच्चों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर एएसपी व एसडीएम मौके पर पहुंचे।
सरायराजा मुसहर बस्ती में करीब दर्जन भर लोगों का परिवार रहता है। मौजूदा समय में बस्ती के अधिकांश पुरुष ईंट भट्ठों पर मजदूरी करने के लिए बाहर गए हैं। जबकि महिलाएं दोना पत्तल बनाने के लिए पत्तियों को बिनने जंगल में चली जाती हैं। बुधवार को भी बस्ती की अधिकांश महिलाएं मजदूरी करने के लिए निकल गईं थीं। शिवराम के छप्परनुमा कच्चे मकान के भीतर बच्चे खेल रहे थे। अचानक कच्ची दीवार भरभराकर गिर गई।
इससे भीतर मौजूद तीन बच्चे मलबे में दब गए। शोर शराबा सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। मलबे में दबे बच्चों को निकालने के लिए लोग प्रयास करने लगे। करीब आधे घंटे बाद मलबे में दबे बच्चों को बाहर निकाला गया तब तक उनकी सांसें थम चुकीं थीं। यह देख परिवार की महिलाएं रोने बिलखने लगीं। दीवार के मलबे में दबने से कोमल (5) पुत्री हरीशचंद्र, रानी (8) पुत्री शिवराम और अनूप (5) पुत्र माताफेर की मौत की खबर मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
चौकी प्रभारी राधामुनि यादव, एसओ विजय दलबल के साथ पहुंचे। सूचना मिलने पर एसडीएम रानीगंज और एएसपी तारिक मोहम्मद भी मौके पर पहुंचे। एसडीएम बृजेंद्र द्विवेदी ने बताया कि हादसे में बच्चों की मौत हुई है। इसके चलते परिवार के लोगों को आर्थिक मदद दिलाने के लिए शासन को पत्र भेजा जा रहा है।