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प्रतापगढ़: चार दशक पुरानी है राजा भैया व अक्षय प्रताप की दोस्ती

Mon, 20 Feb 2023 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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राजा भैया के पहले विधानसभा चुनाव में संभाली थी बागडोर, एक दूसरे के कहे जाते हैं हमराज
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडा। राष्ट्रीय जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया और जामो रियासत के अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी की दोस्ती चार दशक पुरानी है। एक दूसरे के दुखों में हाथ थामे खड़े रहे। दोनों ही एक दूसरे के हमराज के रूप में जाने जाते हैं।
अमेठी के जामो रियासत के अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी ने राजा भैया के दाहिने हाथ माने जाते हैं। इनके पूर्वजों के बीच भी दोस्ती रही है। वर्ष 1990 के पहले से बेंती कोठी में अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी का आना जाना है। जो अभी तक बदस्तूर जारी है। राजा भैया भी गोपालजी को भाई की तरह मानते हैं। हर चुनाव की बागडोर उनके कंधों पर होती है। लोगों के अनुसार राजा भैया ने वर्ष 1993 का पहला विधानसभा चुनाव लड़ा था। जिसकी कमान गोपालजी ने संभाली थी। इस जीत के बाद राजा भैया ने 1998 में विधान परिषद सदस्य के चुनाव में अक्षय प्रताप सिंह को निर्दल चुनाव मैदान में उतारा। वह भारी अंतर से चुनाव जीते। राजा भैया के नेतृत्व में ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत के चुनाव में प्रत्याशी उतारे गए। जीत का सेहरा राजा भैया के प्रत्याशियों के सिर बंधा। जिसमे गोपालजी की भूमिका सेनापति की तरह रही।
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कहीं खटास के पीछे व्यवसायिक गतिविधियां तो नहीं
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह काफी समय से दिल्ली में रहती हैं। लोगों का कहना है कि एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह व भानवी सिंह के बीच काफी दिनों से खटास है। जो व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर पैदा हुई है। राजा भैया की दोनों बेटियां व दोनों बेटे बेंती, लखनऊ व दिल्ली स्थित आवास पर आते जाते रहते हैं। दोनों बेटे तो राजा भैया के साथ चुनाव में जनसभाओं में भी शामिल होते रहे हैं।
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राजा भैया के करीबियों को नामजद करने से मची खलबली
राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव, बेंती कोठी के मैनेजर उमेश कुमार निगम, इंद्रदेव पटेल , रामदेव यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। जिसे लेकर राजा भइया समर्थकों में खलबली मची है। सोमवार को दिन भर कुंडा का सियासी पारा गरमाया रहा। हर कोई इस मुद्दे पर चर्चा करता रहा।
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