रेलवे साइडिंग पर मालगाड़ी से उतरा सैकड़ों बोरा गेहूं दूसरे दिन रविवार को भी बारिश में भीगता रहा। गेहूं को बारिश के पानी से बचाने के लिए एफसीआई और ढुलाई कर रहे ठेकेदार में से किसी ने भी कोई इंतजाम नहीं किया। लापरवाही के कारण गेहूं खुले आसमान में भीगते हुए ट्रकों पर लोड किया गया। ट्रकों पर भी पानी से बचाने का कोई इंतजाम नजर नहीं आया।
सरकारी खाद्यान्न की बेकद्री का नमूना रेलवे सुर्खी साइडिंग पर देखने को मिला। पिछले दो दिन मालगाड़ी के रैक से एफसीआई गेहूं का बोरा उताकर ट्रकों में लोड किया जा रहा है। यहां से ट्रकों में लोड गेहूं पहले गोदाम उसके बाद ब्लॉकों के गोदाम में रखा जाएगा। वहां से गेहूं राशन की दुकानों में भेजा जाएगा। गत शनिवार को हुई बारिश में खुले आसमान के नीचे रखा गेहूं का बोरा पानी से भीग गया था। रविवार को भी बारिश हुई मगर बोरे को पानी से बचाने का इंतजाम नहीं किया गया। दिन भर बारिश के बीच गेहूं की ढुलाई होती रही। जिन ट्रकों पर गेहूं लोड कर गोदाम पर भेजा जा रहा था उसको भी ढंकने की जरूरत नहीं समझी गई।
रेलवे सुर्खी साइडिंग में बारिश से गेहूं भीगने की खबर अमर उजाला में छपी तो निगम में हड़कंप मच गया। रविवार को खबर का असर दिखाई दिया। लखनऊ में खाद्यान्न निगम से अधिकारियों के फोन आने लगे। यहां के अधिकारियों से इस तरह हुई लापरवाही के बारे में जवाब मांगा गया है। एफसीआई के सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गेहूं भीगने की खबर किसी ने लखनऊ पहुंचा दी है। वहां निगम के अधिकारियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।