रेलवे अस्पताल में चिकित्सक व कर्मचारियों में विवाद के दौरान जुटी भीड़।
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उच्च रक्तचाप की शिकायत होने पर इलाज कराने रेलवे अस्पताल पहुंचे गार्ड व यूनियन नेता से रेलवे के डॉक्टर का विवाद हो गया। इसे लेकर काफी देर तक रेलवे अस्पताल में हंगामा होता रहा। जानकारी के बाद यूनियन के नेता और साथी गार्ड भी पहुंच गए। इस बीच बवाल की आशंका को देखते हुए रेलवे सुरक्षा बल के लोग भी अस्पताल पहुंचकर मामला शांत कराने में जुट गए।
रेल विभाग में तैनात गार्ड मोहम्मद अनीस की कई दिनों से तबीयत खराब थी। बृहस्पतिवार को वह उच्च रक्तचाप की शिकायत लेकर रेलवे अस्पताल इलाज कराने पहुंचे। अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक को दिखाया। अस्पताल में मौजूद लोगों के अनुसार ओपीडी के भीतर ही किसी बात को लेकर डॉक्टर व गार्ड भिड़ गए।
आरोप प्रत्यारोप के बीच हंगामा होने लगा। गार्ड ने इसकी सूचना मेंस यूनियन के अध्यक्ष मोहम्मद शफीक के साथ गार्ड वीके तिवारी, अंकुर और उमेश को दी। विवाद की खबर पर सभी भागकर अस्पताल पहुंचे। आरपीएफ की टीम भी अस्पताल पहुंच गई और सभी को समझाकर मामले को शांत कराया।
गार्ड अनीश का कहना है कि उन्हें उच्च रक्तचाप की दिक्कत थी। वह रेलवे अस्पताल के डॉक्टर को दिखाने के लिए आए थे। मामूली बात को लेकर डाक्टर उनके साथ दुर्व्यवहार करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए। जान बचाने के लिए साथी रेल कर्मचारियों व यूनियन के अध्यक्ष के साथ ही आरपीएफ को सूचना देनी पड़ी। सीनियर डीसीएम जगतोष शुक्ला ने बताया कि उनकी इस मामले को लेकर सीएमएस से बात हुई है। डाक्टर का कहना है कि गार्ड को बीपी की समस्या नहीं थी।
उसने सिक पर रखने के लिए कहा। डॉक्टर ने प्रयागराज भेजने की बात कही। गार्ड ने घर पर रहकर इलाज कराने की बात कही। इसी को लेकर विवाद हुआ है। फिलहाल जांच की जा रही है। वैसे इतना सबकुछ होने के बाद भी डॉक्टर ने गार्ड को दो दिन का बेड रेस्ट दे दिया।