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दवा कारोबारी के ठिकाने पर छापेमारी, 6 लाख की नकली दवाएं बरामद

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खाद्य औषधि विभाग की छापेमारी में बरामद नकली दवाएं। - फोटो : PRATAPGARH
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औषधि विभाग की टीम ने गुरुवार को पुलिस बल के साथ शहर में संचालित यूनिवर्सल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर सेंटर पर छापेमारी की। करीब छह लाख रुपये की नकली और नशीली दवाएं बरामद हुई। पुलिस की स्वाट टीम ने यूनिवर्सल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर के संचालक को हिरासत में ले लिया। दुकान में मिली दवाओं को सीज कर दिया गया। औषधि निरीक्षक ने संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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नगर कोतवाली के मीराभवन में विश्वनाथ प्रताप सिंह ने यूनिवर्सल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर के नाम पर फर्म खोल रखा है। दवा की दुकान में नकली और नशीली दवाओं का कारोबार होने की शिकायत कुछ लोगों ने विभागीय अधिकारियों से की थी। औषधि निरीक्षक राहुल कुमार ने मामले की गोपनीय जांच कराई। जांच में बात सत्य मिली। उन्होंने सहायक औषधि आयुक्त उदय भान को मामले से अवगत कराया। सहायक आयुक्त ने फतेहपुर औषधि निरीक्षक को टीम के साथ दवा की दुकान पर छापेमारी करने का निर्देश दिया।
इसके लिए पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह से बात कर फोर्स भी मांगी गई। गुरुवार को औषधि विभाग की टीम , क्राइम सीओ आलोक सिंह व शहर कोतवाल के साथ मीराभवन स्थित यूनिवर्सल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर सेंटर पर छापेमारी की। जांच में यह बात सामने आई कि स्टोर में करीब छह लाख रुपये से अधिक की दवाएं नशीली व नकली हैं। इस बात की तस्दीक होते ही पुलिस ने संचालक विश्वनाथ प्रताप सिंह को हिरासत में ले लिया। नशीली व नकदी दवाओं को सीज कर दिया।
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औषधि निरीक्षक राहुल कुमार ने बताया कि नशीली दवाओं की ग्रामीण अंचलों की दुकानों पर सप्लाई होती थी। लिखापढ़ी में दवा भी नहीं मंगाता था। जीएसटी चोरी करके सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहा था। उन्होंने बताया कि लगभग 6 लाख की दवाएं सीज की गई है। आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली में तहरीर दी गई है। नगर कोतवाल ने बताया कि तहरीर मिली है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। संचालक को हिरासत में लिया गया है। इस कार्रवाई से दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा रहा।
सही जांच हुई तो कई मेडिकल स्टोर संचालक भी आएंगे जद में
यूनिवर्सल मेडिसिन डिस्ट्रीब्यूटर सेंटर से दवा को बेचने के लिए मेडिकल स्टोरों पर भेजा जाता था। मेडिकल स्टोर पर ड्रग इंस्पेक्टर भले ही छापामारी करने के लिए जाते हैं, मगर दवाओं की कभी जांच नहीं करते । शहर से लेकर गांवों में खुले मेडिकल स्टोरों की सही जांच हो जाए तो कई जेल की हवा खाते नजर आएंगे।
बेल्हा में कभी कभार होती है कार्रवाई
जिले के ड्रग इंस्पेक्टर पर दो जनपद की जिम्मेदारी है। इसके चलते वे प्रतापगढ़ के मेडिकल स्टोरों का निरीक्षण नहीं कर पाते। शायद ऐसे ही कुछ नामी गिरामी मेडिकल स्टोर होंगे, जिनके बारे में ड्रग इंस्पेक्टर को पता होगा। इसके अतिरिक्त शहर से लेकर गांव तक कितने मेडिकल स्टोर का संचालन हो रहा है, शायद उन्हें पता हो।

खाद्य औषधि विभाग की छापेमारी में बरामद नकली दवाएं।- फोटो : PRATAPGARH

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