बंगाल और बिहार से जुड़े हैं बेल्हा के कछुआ तस्करों के तार शीर्षक से सोमवार को अमर उजाला में प्रमुखता से छपी खबर से प्रतापगढ़ जीआरपी सक्रिय हो गई है। उसने मालदा टाउन और फरक्का समेत कई ट्रेनों की छापे मारे। संदिग्ध यात्रियों के सामानों की तलाशी ली। हालांकि कछुओं की बरामदगी और कोई आरोपी नहीं पकड़ा गया। चेकिंग से अफरा-तफरी मची रही।
बता दें कि बंगाल प्रांत में मालदा टाउन रेलवे स्टेशन पर प्रतापगढ़ से तस्करी करके ले जाये जा रहे कछुओं के साथ तीन तस्करों को आरपीएफ ने पकड़ा था। इनके कब्जे से करीब 1200 कछुए बरामद हुए थे। आरपीएफ ने बताया था कि पूछताछ में तस्करों ने चौंकाने वाला खुलासा किया था। पुलिस के अनुसार ये लोग प्रतापगढ़ से कछुआ ला रहे थे। पकड़े गये तीनों आरोपी सुल्तानपुर जनपद के रहने वाले थे। प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर के तस्करों के तार किस तरह से दूसरे प्रांतों के तस्करों से जुड़े हैं। इसकी खबर सोमवार को छपी। खबर का असर रहा कि जीआरपी ने बंगाल साइड की ट्रेनें फरक्का, मालदा टाउन के साथ ही पंजाब मेल की तलाशी ली। शंका होने पर कई यात्रियों के बैग आदि को चेक किया। बताया जाता है कि पुलिस को जांच में तस्कर तो नहीं मिले, लेकिन कुछ संदिग्ध लोग जरूर ट्रेन से उतरकर भाग निकले। एसओ वीके सिंह ने बताया कि तस्करों की तलाश में कई ट्रेनों की चेकिंग ेकराई गई। तस्करों के खिलाफ अब अभियान चलता रहेगा। जब तक तस्कर पकड़े नहीं जाते हैं।