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Pratapgarh News: करोड़ों की निविदा पर उठे सवाल, एडीएम को मिली जांच

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शहर के नागरिकों को प्रकाश, सड़क समेत मूलभूत सुविधाओं के लिए नगर पालिका ने करोड़ों रुपये की निविदा निकाली। चकाचक सड़कों को भी निविदा में शामिल किया गया है। सभासदों ने आवाज भी उठाई है। मामला जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी के पास तक पहुंचा। डीएम ने निविदा निकालने के मामले में एडीएम आदित्य प्रजापति को जांच सौंप दी है। फिलहाल नगर पालिका में मामले को लेकर खलबली मची हुई है।
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पालिका की ओर से 14 अगस्त को 36 कार्यों की निविदा निकाली गई। जिसमे शामिल छह सड़कों समेत सीसीटीवी लगाने व कार्यालय की साज सज्जा वाली व्यवस्था पर सभासदों ने अंगुली उठाई। पल्टन बाजार के सभासद योगेश सिंह, मीराभवन के धीरज सिंह, सगरा के विनोद, दहिलामऊ दक्षिणी के तुषारदत्त मिश्रा समेत अन्य सभासदों ने भी मुख्य सचिव को पत्र भेजकर शिकायत की है।
नागरिकों के नुमाइंदगी करने वाले सभासदों के आरोप पर दम देखने को मिला। अचलपुर, बलीपुर समेत अन्य मोहल्ले की सड़कें चकाचक मिलीं। फिलहाल अब डीएम शिव सहाय अवस्थी ने नगर पालिका के जिम्मेदारों द्वारा निकाली गई निविदा के साथ ही स्थलीय सत्यापन कराने की जिम्मेदारी एडीएम को दी है।
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कार्यमुक्त होने के बाद भी जेई का पालिका से नहीं छूट रहा मोह
लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अनिल जायसवाल को नगर पालिका से संबद्ध किया गया था। चूंकि पिछले साल ही नगर पालिका में निकाय के जेई ने कार्यभार ग्रहण कर लिया। 31 मार्च को जेई अनिल जायसवाल को नगर पालिका की ओर से कार्यमुक्त कर दिया गया, लेकिन अभी भी उनसे पहले की तरह काम लिया जा रहा है। सभासदों का कहना है कि निविदा निकालने से लेकर कार्यों के सत्यापन व एमबी तक का काम जेई कर रहे हैं। इसके पीछे पालिका के जिम्मेदारों की मंशा आसानी से समझी जा सकती है।


दूसरे कार्यालय में शिफ्ट हुआ सामान
प्रतापगढ़। नगर पालिका के प्रशासनिक भवन पर शनिवार को कोर्ट परिसर में बनी पानी की टंकी ध्वस्तीकरण के दौरान गिर गई। उसके मलबे की चपेट में आने से पालिका के प्रशासनिक भवन के एक कमरे की दीवार गिर गई। हादसे में लिपिक प्रशांत सिंह व जन्म प्रमाण पत्र लेने आई महिला बाल-बाल बच गईं। रविवार को लिपिक के कार्यालय को दूसरे कमरे में शिफ्ट किया जाता रहा। बताया जाता रहा कि नुकसान की भरपाई ठेकेदार ने करने की बात कही है। फिलहाल कमरे जर्जर हो चुके हैं। करीब चार साल पहले भवन की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। संवाद
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