हावड़ा से अमृतसर जा रही 3005 पंजाब मेल से शनिवार को एक बाइक टकरा गई। बाइक को इंजन करीब दो किलोमीटर तक घसीट ले गई। इससे बाइक के परखचे उड़ गए। इंजन का भी अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। इससे रेल महकमे में हड़कंप मच गया। आरपीएफ ने मामला दर्ज कर लिया है।
जगेसरगंज हाल्ट के निकट उत्तर का पुरवा गांव के पास शनिवार दोपहर एक बाइक पर सवार दो लोग रेल पटरी पार कर रहे थे। अचानक बाइक लाइन में फंस गई। वे उसको निकाल रहे थे। इसी बीच पंजाब मेल आ रही थी। डर से दोनों बाइक को पटरी पर छोड़कर भाग गए। टकराने के बाद बाइक इंजन के निचले हिस्से में फंसकर घिसटती चली गई। टकराने के बाद यात्रियों को झटका भी लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रेन बाइक को करीब दो किलोमीटर तक ले जाने के बाद रुकी। चालक ने ग्रामीणों की मदद से बाइक को इंजन से निकाला।
इसके बाद ट्रेन गंतव्य को रवाना हुई। ट्रेन जाने के बाद कार्रवाई के डर से बाइक के टुकड़ों को मौके से गायब कर दिया गया। ट्रेन अमेठी पहुंची तो चालक ने रिपोर्ट वहां के एएएम को दी। इसके पहले एसएम जगेसरगंज को भी घटना की सूचना दे दी थी। बता दें कि कुछ दिन पहले इसी रूट पर जगेसरगंज रेलवे स्टेशन के पहले काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त होने से बची थी। शनिवार को बाइक से टकराने के बाद पंजाब मेल हादसे से बच गई।
हादसे की सूचना रेल अफसरों को देने के बजाए जगेसरगंज के एसएम गुलफाम इसको अफसरों व मीडिया वालों से छिपाते रहे। बताया जाता है कि आरपीएफ और अन्य रेल अधिकारियों के मौके पर पहुंचने से पहले ही बाइक का मलबा हटाया जा चुका था। बताते हैं कि जो बाइक टकराई है वह हीरो हांडा स्पलेंडर थी। बाइक गांव के ही एक युवक की बताई जा रही है। इस बारे में एसएम गुलफाम से बात की गई। कहा कि उन्हें जानकारी नहीं है। गाड़ी उनके स्टेशन से पार कर चुकी थी। आरपीएफ का कहना है कि उनको घटना की जानकारी समय से नहीं मिल सकी। अमेठी गाड़ी पहुंची तब चालक से जानकारी मिली। पड़ताल के लिए पुलिस मौके पर पहुंची तो सारा मलबा हटवा दिया गया था। आरपीएफ ने अज्ञात बाइक चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुछ दिनों पहले टूटी पटरी से काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस के गुजरने की घटना को भी छिपाया गया था। अब पंजाब मेल की घटना को छिपाकर रेलकर्मियों ने अफसरों को गुमराह करने की कोशिश की है।